उदयपुर में एलिवेटेड रोड–फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की धीमी गति बढ़ा रही चिंता
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पिछले साल आज के दिन रखी गई थी नींव, एक साल में सिर्फ 20% काम, अब अगले एक वर्ष में करना होगा 80% कार्य पूरा
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 16 नवम्बर: झीलों की नगरी उदयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सिटी स्टेशन से बंशी पान तक एलिवेटेड रोड और सेक्टर-11 से कर भवन तक फ्लाईओवर निर्माण कार्य जारी है। लेकिन एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी है। पूरे एक वर्ष में केवल 15 से 20 प्रतिशत काम ही हो पाया है, जबकि दिसंबर 2026 तक दोनों परियोजनाओं को पूरा करना अनिवार्य है। यानी अब अगले एक साल में 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा करना पड़ेगा।
सिटी रेलवे स्टेशन रोड से बंशी पान तक 2.7 किमी लंबे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत 28 दिसंबर 2024 को सॉयल टेस्टिंग से हुई थी। लेकिन टाउन हॉल क्षेत्र में दीपावली–दशहरा मेले के कारण कार्य बार-बार रोकना पड़ा।
उदयापोल क्षेत्र में जमीन के नीचे नदी पेटा आने से चट्टानें 15–20 मीटर गहराई में मिलीं, जिसके चलते पिलरों की डिज़ाइन बदलनी पड़ी। पूरे मार्ग में 100 से 102 पिलर बनाए जाने हैं जिनमें से अभी केवल प्रारंभिक हिस्सों में ही कार्य हो पाया है।
136.89 करोड़ की लागत, निगम–यूडीए और राज्य सरकार की साझेदारी
परियोजना पर कुल 136.89 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें नगर निगम का योगदान 47.91 करोड़ रुपए तथा यूडीए का योगदान 61.60 करोड़ रुपए होगा। डीपीआर में लागत 208 करोड़ आंकी गई थी, लेकिन निविदा में ट्रांसरेल लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड ने यह निर्माण 136.89 करोड़ में करने की सहमति दी। एलिवेटेड रोड का मार्ग सिटी स्टेशन—उदयापोल—सूरजपोल—टाउनहॉल—देहलीगेट—कलेक्ट्री रोड—कोर्ट चौराहा होते हुए बंशीपान तक रहेगा।
फ्लाईओवर प्रोजेक्ट: 30–35% काम, रफ्तार अपेक्षाकृत बेहतर
हिरणमगरी सेक्टर-11 से कर भवन तक 520 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े फ्लाईओवर का निर्माण उदयपुर विकास प्राधिकरण करवा रहा है। कुल लागत 42.30 करोड़ रुपए है। यह फ्लाईओवर सेक्टर-11 पीएचसी के पास से शुरू होकर पारस तिराहे को पार करता हुआ टैक्स भवन के पास उतरेगा। साथ ही पटेल सर्कल से पहले अंडरपास भी बनाया जाएगा, जिससे उदयापोल और गोवर्धन विलास की दिशा में ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी। फ्लाईओवर का 30–35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
