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भारत-रूस मैत्री डाक टिकटों की अनूठी विरासत

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भारत-रूस मैत्री डाक टिकटों की अनूठी विरासत

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उदयपुर, 5 दिसम्बर: भारत और रूस ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को समय-समय पर संयुक्त स्मारक डाक टिकटों के माध्यम से मजबूत किया है।
उल्लेखनीय है कि 16 अगस्त 1990 को जारी पहला संयुक्त अंक भारत–सोवियत मैत्री पर आधारित था, जिसके डिज़ाइन दोनों देशों के 17 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता से चुने गए थे। यह दुर्लभ टिकट वर्तमान में उदयपुर निवासी संग्रहकर्ता शीतल कुमार अग्रवाल के संग्रह की शान है। उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों में एक प्रदर्शनी में भारत–सोवियत मैत्री पर लगभग 300 डाक टिकट प्रदर्शित कर उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
इसके बाद 26 अक्टूबर 2017 को राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ पर दूसरा संयुक्त अंक जारी हुआ, जिसमें राजस्थान के भवई नृत्य और रूस के बेरियोज़्का नृत्य को दर्शाया गया। दोनों देशों द्वारा लेनिन, टैगोर और टॉल्स्टॉय जैसे महान व्यक्तित्वों पर जारी टिकटें भी इस ऐतिहासिक मित्रता की गवाही देती हैं।

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