वीबीजीरामजी विधेयक 2025 ग्रामीण भारत के लिए क्रांतिकारी कदम: डॉ. रावत
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उदयपुर, 20 जनवरी : उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद से पारित वीबी जी राम जी विधेयक 2025 ग्रामीण भारत के लिए एक क्रांतिकारी पहल है। इस कानून का उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और रोजगार वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अब जेसीबी मशीनों के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों से काम करवाया जाएगा।
मंगलवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. रावत ने बताया कि यह योजना मनरेगा का उन्नत, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी विकल्प है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इससे किसानों, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण युवाओं को स्थायी रोजगार एवं सशक्त आजीविका के अवसर मिलेंगे।
सांसद ने कहा कि यह योजना विकसित भारत 2047 के विज़न में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, किसानों और श्रमिकों की आय बढ़ाएगी और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि मनरेगा में भ्रष्टाचार और फर्जी जॉब कार्ड की समस्या सामने आई थी। वीबी जी राम जी कानून में इसके लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
कानून के तहत भुगतान हर सात दिन में सुनिश्चित होगा, देरी होने पर राज्य सरकार को पेनल्टी देनी होगी। योजना में सेटेलाइट इमेज के माध्यम से कार्य योजना तैयार की जाएगी और श्रमिकों की हाजरी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा खेती के मौसम में 60 दिन अवकाश का प्रावधान किया गया है, जिससे मजदूरों की कमी नहीं होगी। जॉब कार्डधारी गारंटीकृत रोजगार पा सकेंगे।
प्रेसवार्ता में भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, महामंत्री देवीलाल सालवी, डॉ. पंकज बोराणा, सह संयोजक दुदाराम डांगी, और मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चंपावत उपस्थित रहे।
