जनजाति मंत्री खराड़ी के कुडेई फलां के ग्रामीणों को नहीं पता विकास
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सड़क, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
उदयपुर, 29 जनवरी: राजस्थान सरकार में जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी के अपने ही गांव कुडेई फलां में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी ग्रामीणों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी बनी हुई है। कोटड़ा क्षेत्र के इस आदिवासी बहुल गांव में आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार कुडेई फलां की आबादी करीब 250 से अधिक है, लेकिन गांव तक आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कच्चे रास्तों के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि अब तक गांव में बिजली नहीं पहुंची है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य से भी वंचित ग्रामीण
कुडेई फलां में न तो सरकारी स्कूल है और न ही कोई स्वास्थ्य केंद्र। बच्चों को पढ़ाई के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जबकि बीमार लोगों को इलाज के लिए जोखिम भरे कच्चे रास्तों से बाहर ले जाना मजबूरी है। आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती, जिससे जान का खतरा बना रहता है।
शिकायतें हुईं, समाधान नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। वर्षों से हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि कुडेई फलां में जल्द से जल्द सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि आदिवासी परिवारों को भी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।
