मिस्र में दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम खुला
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3000 साल पुरानी तूतनखामेन की कब्र प्रदर्शित, 5 खोजकर्ताओं की रहस्यमयी मौतें
काहिरा, 2 नवम्बर: मिस्र के गीजा में पिरामिडों के पास स्थित ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम (GEM) शनिवार को आम जनता के लिए खोल दिया गया। इसे दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम माना जा रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने कई देशों के नेताओं की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया। करीब 1 अरब डॉलर की लागत से बने इस संग्रहालय में मिस्र के 5000 साल पुराने इतिहास की झलक एक जगह देखने को मिलेगी।
तूतनखामेन की कब्र बनी केंद्र बिंदु
म्यूजियम की सबसे बड़ी आकर्षण है — ‘बॉय किंग’ तूतनखामेन की कब्र, जिसे 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद हावर्ड कार्टर ने खोजा था। इस कब्र से 5500 से अधिक कलाकृतियां मिली थीं, जिन्हें अब पहली बार एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया गया है।
तूतनखामेन ने 9 वर्ष की उम्र में मिस्र की सत्ता संभाली थी और 18-19 वर्ष की उम्र में उसकी मृत्यु हो गई थी। उसका शासनकाल 1332 से 1323 ईसा पूर्व तक रहा। यह कब्र लगभग 3,000 वर्षों तक मलबे में दबकर छिपी रही थी।
कब्र खोजने वालों की रहस्यमयी मौतें
तूतनखामेन की कब्र के खोजकर्ताओं की मौतों ने दशकों तक रहस्य बनाए रखा। कब्र का ताला 26 नवंबर 1922 को हावर्ड कार्टर ने तोड़ा था। उनके सहयोगी लॉर्ड कार्नार्वन, जिन्होंने खुदाई पर लाखों पाउंड खर्च किए थे, 5 अप्रैल 1923 को रहस्यमयी ढंग से मारे गए। उसी रात काहिरा की बिजली गुल हो गई और इंग्लैंड में उनकी पालतू कुत्ती ‘सूसी’ भी मर गई।
इसके बाद कब्र से जुड़े 4 और लोगों—आर्चिबाल्ड रीड, ह्यू एवेलिन व्हाइट, आर्थर माचेन्थ और सर ली ब्रूस—की भी असामान्य परिस्थितियों में मौत हुई। हालांकि हाल की DNA रिपोर्ट्स और फोरेंसिक जांचों के मुताबिक यह “शाप” नहीं बल्कि बैक्टीरिया संक्रमण के कारण हुईं।
50 हजार से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित
म्यूजियम में 1 लाख से अधिक वस्तुएं रखी गई हैं, जिनमें 83 टन वजनी राजा रामसेस द्वितीय की मूर्ति और 4500 साल पुरानी खुफू की नाव भी शामिल है। यहां 24000 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थायी प्रदर्शनी, बच्चों का म्यूजियम, एजुकेशन सेंटर और कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाए गए हैं।
संग्रहालय की 12 प्रमुख गैलरियां मिस्र के इतिहास को प्रागैतिहासिक काल से रोमन युग तक प्रदर्शित करती हैं।
पर्यटन को नई उड़ान की उम्मीद
यह म्यूजियम गीजा के पिरामिडों से लगभग एक मील दूर, 4.7 लाख वर्ग मीटर में फैला है — यानी करीब 70 फुटबॉल मैदानों जितना बड़ा। मिस्र सरकार को उम्मीद है कि हर साल 80 लाख से अधिक पर्यटक यहां आएंगे। ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम न केवल मिस्र की ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि दुनिया को प्राचीन सभ्यता के रहस्यों से रूबरू कराने वाला नया केंद्र भी बन गया है।
