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”चित्र मात्र आकृतियां नहीं, भारतीय संस्कृति का सजीव प्रमाण”

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”चित्र मात्र आकृतियां नहीं, भारतीय संस्कृति का सजीव प्रमाण”

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इलाहाबाद संग्रहालय, प्रयागराज और सिटी पैलेस संग्रहालय की चित्रकला प्रदर्शनी का यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया उद्घाटन
उदयपुर, 15 दिसम्बर :
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को सिटी पैलेस संग्रहालय के जनाना महल में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी ‘प्रेमार्पण’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत चित्र केवल आकृतियां नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास का सजीव प्रमाण हैं। प्रत्येक चित्र में हजारों कथाएं छिपी हुई हैं और ये उस काल के महाराणा और कलाकारों की भावनाओं को दर्शाते हैं।
प्रदर्शनी का आयोजन इलाहाबाद संग्रहालय, प्रयागराज और सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। राज्यपाल ने ‘शम्भु रत्न पाठशाला’ की छात्राओं को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।
सांसद सत्र के कारण उपस्थित न हो पाने वाले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने अपने संदेश में कहा कि यह सहयोग दोनों प्रतिष्ठित संग्रहालयों के बीच सांस्कृतिक संसाधनों के आदान-प्रदान और हमारी संस्कृति की गहन समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने बताया कि प्रदर्शनी में 18वीं से 20वीं शताब्दी तक के उत्कृष्ट चित्र शामिल हैं। इलाहाबाद संग्रहालय ने 48 और सिटी पैलेस संग्रहालय ने 36 मेवाड़ शैली के चित्र प्रदर्शनी में साझा किए हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के प्रेम भाव, ढोला मारू की कथाएं और रसिकप्रिया, बिहारी सतसई, गीत गोविंद एवं सूरसागर के पृष्ठों पर आधारित थीम्स भी शामिल हैं। डॉ. मेवाड़ ने कहा कि ‘प्रेमार्पण’ शीर्षक का अर्थ ‘प्रेम और समर्पण’ है, जो प्रदर्शनी के मूल भाव को संपूर्ण रूप से व्यक्त करता है। यह प्रदर्शनी 15 जून 2026 तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

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