गूगल मैप से चुनते थे ठिकाने, चोरी की कमाई से सांवलिया सेठ को ‘चढ़ावा’
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राजस्थान-मध्यप्रदेश-तेलंगाना में 33 चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोटा पुलिस ने पर्दाफाश
उदयपुर, 16 जनवरी: राजस्थान में कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का भांडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में तीन शातिर चोर और चोरी का माल खरीदने वाले तीन सराफा व्यापारी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि दिसंबर 2025 में चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) गड़ेपान टाउनशिप में करोड़ों रुपए की चोरी की गुत्थी सुलझा ली गई है और इसी गिरोह ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत देश के 33 बड़े चोरी के मामलों को अंजाम देने की बात कबूल की है।
पुलिस ने लगभग 1500 सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर संदिग्ध कार की पहचान की और मुख्य आरोपियों तक पहुँची। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चोरी के बाद गिरोह के सदस्य चोरी की रकम का एक हिस्सा चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह गूगल मैप की मदद से बड़ी औद्योगिक टाउनशिप और पॉश कॉलोनियों में रेकी करता था और खाली पड़े घरों तथा संपत्तियों का निशाना बनाता था। रात के समय ताले तोड़कर नकदी, सोना-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो जाते थे।
अब तक पुलिस ने सोना, चांदी और नकदी सहित चोरी में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस अन्य फरार साथियों तथा चोरी का माल खरीदने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
