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नाबालिग से रेप कर वीडियो बना ब्लैकमेल किया, 3 दोषियों को 20-20 साल की सजा

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नाबालिग से रेप कर वीडियो बना ब्लैकमेल किया, 3 दोषियों को 20-20 साल की सजा

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पोक्सो विशेष न्यायालय प्रतापगढ़ ने सुनाया फैसला; प्रत्येक पर 76 हजार रुपए का अर्थदंड भी
प्रतापगढ़, 8 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
प्रतापगढ़ की विशेष पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के जघन्य मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक पर 76-76 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
दोषियों में दीपक पुत्र मोहनलाल कीर, दीपक पुत्र हीरालाल कीर, निवासी ब्रह्मपुरी, धरियावद और इरफान पुत्र निशार खान निवासी सलूम्बर, हाल निवासी बोहरा बिल्डिंग धरियावद, जिला प्रतापगढ़ शामिल हैं।
अदालत में पेश 22 गवाह और 135 दस्तावेज
यह घटना 21 जनवरी 2022 की रात हुई थी। पीड़िता अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से जा रही थी, तभी एस्सार पेट्रोल पंप से पहले आरोपियों ने उनकी बाइक रोकने का प्रयास किया। बाइक नहीं रुकने पर उन्होंने पीछा कर वाहन आगे लगाया और दोनों के साथ मारपीट कर नकदी लूट ली। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के दोस्त को धक्का देकर गिराया और पीड़िता को जबरन मोटरसाइकिल पर बिठाकर कच्चे रास्ते से जंगल की ओर ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया। बाद में आरोपी उसी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने लगे। घटना के बाद पीड़िता ने अपने पिता के साथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान और 135 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। विशिष्ट लोक अभियोजक तरुणदास बैरागी ने मामले की पैरवी करते हुए ठोस साक्ष्य न्यायालय के समक्ष रखे। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 366(ए), 376(डी) तथा पोक्सो एक्ट की धाराओं 3/4, 5(जी)/6, 5(1)/6 के तहत दोषी करार दिया।
अदालत ने फैसले में लिखा अमानवीय अपराध
न्यायालय ने यह कहते हुए कठोर सजा सुनाई कि नाबालिग के साथ ऐसा अमानवीय अपराध समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करता है, इसलिए आरोपियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। अदालत ने तीनों को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास व 76-76 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

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