आदिवासियों ने सदियों से हमारी प्रकृति और संस्कृति को सहेजा, ये हमारा गौरव है: मुख्यमंत्री भजनलाल
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87 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन, आदिवासी छात्राओं के प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवासीय बैच शुरू, जनजाति छात्रावासों को 4 करोड़ 8 लाख रुपए की राशि डीबीटी, 53 हजार 766 लाभार्थियों को 200 करोड़ रुपए की अनुदान राशि हस्तानान्तरित कर किया लाभान्वित
राजीविका की महिला समूह को 31 करोड़ रुपए के ऋण का चैक प्रदान, 40 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड स्कूटी, 19 दिव्यांगो को मस्कुलर डिस्ट्रॉफी इलेक्ट्रीक व्हील चेयर
मेधावी छात्र, किसान, महिलाओ का हुआ सम्मान
डूंगरपुर, 15 नवम्बर(विजन 360 न्यूज डेस्क):आदिवासियों ने सदियों से हमारी प्रकृति और संस्कृति को सहेजा है और जीवंत रखकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के साथ विरासत को संजोय रखने की मंषानुरूप राजस्थान को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध किया है।
यह उद्गार मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जनजाति गौरव वर्ष 2025-भगवान बिरसा मुंडा 150 वीं जयंति के अवसर पर जिला डूंगरपुर के श्री भोगीलाल पण्ड्या राजकीय महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आमजन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने सर्वप्रथम संतों की पवित्र भूमि डूंगरपुर से भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए जनजाति जननायकों गोविन्द गुरू, वीरांगना वीर बाला काली बाई, सेंगा भाई, नाना भाई खांट सहित समस्त जननायकों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजाति वीर महापुरुषों की वजह से आज देश ओर दुनिया में हमारी प्रकृति जीवित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जनजाति गौरव भगवान बिरसा मुंडा के साथ ही वंदे मातरम गीत ओर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वी जयंती है। सरदार पटेल ने देश की 562 रियासतों को एक कर एकता का संदेश दिया। भगवान बिरसा मुंडा ने 15 साल की उम्र में ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर देश में आजादी की क्रांति जगाई। वागड़ में आदिवासी संत गोविंद गुरु महाराज ने मानगढ़ धाम से आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों से आजादी कराने में आदिवासियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर पग पर आपके विकास के लिए कृत संकल्प है और हर पग पर आपके साथ है तथा नई-नई योजनाओं को साकार रूप प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर क्षेत्र में प्रयास कर रही है। सरकार ने जनजाति छात्रावासों ओर खेल अकादमियों में भत्ता बढ़ाया है। आदिवासी किसानों को निःशुल्क मक्का बीज के कीट वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलन कर शुरुआत की। इस अवसर पर टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने स्वागत भाषण में कहा कि जनजाति वर्ग के विकास के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। आदिवासियों के विकास ओर मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने भाषण के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस समारोह का राज्य स्तरीय समारोह में वर्चुअली प्रसारण किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री समेत लोगों ने प्रधानमंत्री को लाइव सुना।
हेलीपेड पर हुआ स्वागत
इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पुलिस लाइन हेलीपेड पर पहुंचते ही जिला प्रभारी मंत्री और जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराडी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता मंत्री गौतम दक, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, पूर्व सांसद कनकमल कटारा, पूर्व राज्य सभा सांसद हर्षवर्धन सिंह, सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
ढोल की थाप और गैर नृत्य से किया अभिनंदन
इसके पष्चात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय मैदान पहुंचे, जहां उनका मंगल कलष और जनजाति नृत्य के ढोल-ढमाकों के साथ आदिवासी परंपरा के अनुसार स्वागत-अभिनंदन किया गया।
मुख्यमंत्री ने की प्रदर्शनी की सराहनाः
इसके बाद मुख्यमंत्री शर्मा प्रदर्शनी स्थल पहुंचे जहां सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग छाया चौबीसा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन करवाते हुए धरती आबा-भगवान बिरसा मुंडा जीवन-योगदान, जनजाति नायकों, एकलव्य मॉडल रेजीडेन्षियल स्कूल के बच्चों एवं राज्य स्तरीय षिविर में कलाकारों द्वारा बनाई गई जनजाति कलाकृतियों, आदि कर्मयोगी योजना, जिला स्तरीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदर्षनी तथा गौरव पखवाडा अन्तर्गत आयोजित गतिविधियों कीसराहना की। उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई लगभग बाईस स्टॉल का भी अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने राजीविका की महिला समूह को 31 करोड़ रुपए के ऋण का चैक प्रदान किया। लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत संकल्प पत्र प्रदान करने के साथ 3 महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी निभाई गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 19 दिव्यांगो को मस्कुलर डिस्ट्रॉफी इलेक्ट्रीक व्हील चेयर और 40 दिव्यांगजनो को मोटराइज्ड स्कूटी वितरित कर लाभान्वित किया।

डंडे के साथ गैर का लुत्फ, तीरंदाजों के निशाने को देखा
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी के दौरान ढोल कुंडी की थाप पर आदिवासी गैर नृत्य को देखा तथा मुख्यमंत्री ने भी डंडे के साथ गैर नृत्य का लुत्फ उठाया। वहीं प्रदर्शनी के दौरान स्थानीय तीरंदाजों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो मुख्यमंत्री ने तीरंदाजों के निशाने को देखा और उनकी प्रतिभा को सराहा।
87 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन, आदिवासी छात्राओं के प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवासीय बैच शुरू
प्रदर्शनी के अवलोकन पष्चात मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य समारोह के मंच पर पहुंचे जहां उनका स्वागत अभिनंदन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराडी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने स्थानीय कलाकार द्वारा बनाई गई बिरसा मुंडा की कलाकृति तथा तीर-कमान भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रिमोट का बटन दबाकर जनजाति क्षेत्र ओर आदिवासियों के विकास के लिए कई सौगातें दी जिसके अन्तर्गत 25 करोड़ रुपए के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण कियावहीं 62 करोड़ रुपए के 14 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 60 जनजाति छात्राओं का आवासीय बैच की जयपुर में शुरुआत की गई। जनजाति युवाओं सिपेट जयपुर में असिटेंट मषीन ऑपरेटर इंजेक्षन एक्सत्रूजन का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। जनजाति युवाओं के लिए उदयपुर, डूंगरपुर व बांसवाड़ा में प्रशिक्षण ध्यान केंद्र पर आरकेसीएल द्धारा आरएससीआईटी कोर्स की शुरुआत की। जनजाति छात्रावासों के विद्यार्थियों को पोशाक व स्टेशनरी उपलब्ध करवाने के लिए 4 करोड़ 8 लाख रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई। कृषि विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं में 53 हजार 766 लाभार्थियों को 200 करोड़ रुपए की अनुदान राशि ट्रांसफर की गई।
मेधावी छात्र, किसान, महिलाएं सम्मानित:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बोर्ड ओर प्रतियोगी परीक्षाओं में श्रेष्ठ परिणाम देने वाले नौ विद्यार्थियों जयदीप राज डामोर, सुमन मीणा, अंजलि कलासुआ, करिश्मा कुमारी डामोर, वैशाली डामोर, हर्षित मईडा, कीर्ति रोत, गीतिका रोत, भैराराम को प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया गया। इसके उन्नति कृषि क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले किसान शंकर बाई मीणा, कला व संस्कृति के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कमलदास भील, महिला उद्यमिता के क्षेत्र में कुली पारगी, मंजू मीणा, खेल के क्षेत्र में मीरा डोंजा को सम्मानित किया गया।
