उदयपुर-पिंडवाड़ा राजमार्ग बना ‘मौत का हाईवे
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एक महीने में 48 की दर्दनाक मौत
उदयपुर, 6 अक्टूबर: झीलों की नगरी उदयपुर से पिंडवाड़ा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) इन दिनों ‘मौत का गलियारा’ साबित हो रहा है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में इस राजमार्ग पर हुए विभिन्न सड़क हादसों में 48 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिसने स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से यह मार्ग अब अत्यधिक खतरनाक मार्गों की सूची में शामिल हो गया है।
हाल ही में, गोगुंदा और बेकरिया थाना क्षेत्रों के बीच इस हाईवे पर कई भीषण हादसे हुए, जिनमें ट्रेलर और टैंकर के पलट जाने, अनियंत्रित वाहनों द्वारा अन्य गाड़ियों को टक्कर मारने और बाइक सवारों को कुचलने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन हादसों में कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया है।
एसपी योगेश गोयल ने बताया कि राजमार्ग पर हर डेढ़ किलोमीटर पर तीव्र ढलान या मोड़ है, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ब्लैक स्पॉट्स पर नो एंट्री, नो यू-टर्न, रोड मार्किंग्स, लेन लाइनें, गति नियंत्रक और रंबल स्ट्रिप्स लगाए हैं। भविष्य में हाईवे पर कैमरे लगाकर मॉनिटरिंग और तेज रफ्तार वाहनों पर चालान करने की योजना है।
दुर्घटनाओं के मुख्य कारण
खतरनाक भौगोलिक स्थिति (तीखे ढलान और मोड़):
यह राजमार्ग पहाड़ी क्षेत्र से गुजरता है, जिसमें गोगुंदा और पिंडवाड़ा के बीच अत्यधिक तीखे ढलान और खतरनाक मोड़ हैं। खासकर पिंडवाड़ा की ओर आने वाले ढलान पर भारी वाहन जैसे ट्रेलर और टैंकर अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। कई ड्राइवर ईंधन बचाने के चक्कर में न्यूट्रल गियर में गाड़ी चलाते हैं, जिससे ढलान पर वाहनों पर नियंत्रण खो जाता है।
ओवर-स्पीडिंग और लापरवाही
राजमार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार एक बड़ा कारण है। पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर भी वाहन चालक गति को नियंत्रित नहीं करते। लापरवाह ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन, जैसे कि गलत ओवरटेकिंग, भी हादसों को न्योता देता है।
ब्लैक स्पॉट्स और सड़क सुरक्षा मानकों की कमी
राजमार्ग पर कई स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) के रूप में चिन्हित किया गया है, लेकिन इन स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य देरी से हो रहे हैं या अपर्याप्त हैं। कई स्थानों पर सड़क के अवैध कट भी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जहाँ अचानक वाहन राजमार्ग पर आ जाते हैं। सुरक्षा उपायों, जैसे कि पर्याप्त रोड साइनेज, क्रैश बैरियर और चेतावनी संकेत की कमी भी एक समस्या है।
ओवरलोडेड और ब्रेक फेल वाहन
अकसर मालवाहक वाहन (ट्रेलर, टैंकर) क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं, जिससे ढलान पर उनके ब्रेक ठीक से काम नहीं कर पाते और वे अनियंत्रित हो जाते हैं। कई दुर्घटनाओं में ब्रेक फेल होने की शिकायतें सामने आई हैं।
खराब सड़क रखरखाव
कुछ हिस्सों में सड़क की खराब स्थिति, गड्ढे और उचित रखरखाव की कमी भी दुपहिया और छोटे वाहनों के लिए खतरनाक साबित होती है।
