उदयपुर की सब्जी मंडियां अव्यवस्था के घेरे में
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मंडी परिसरों को छोड़ सड़कों पर बैठ रहे फल-सब्जी विक्रेता, यातायात और सफाई व्यवस्था पर भारी
राजेश वर्मा
उदयपुर, 12 सितम्बर
शहर में फल-सब्जी विक्रय के लिए प्रशासन द्वारा करोड़ों खर्च कर बनाए गए मंडी परिसरों का उपयोग न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। विक्रेताओं ने आवंटित जगह छोड़कर सड़कों पर डेरा जमा लिया है। इससे जहां यातायात बाधित हो रहा है, वहीं गंदगी और अव्यवस्थाएं आमजन के लिए परेशानी का कारण बन चुकी हैं।
इधर, नगर निगम के निरीक्षक मांगीलाल का कहना है कि समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है और आगे भी होगी।
मुखर्जी चौक मंडी: गंदगी और अतिक्रमण
मुखर्जी चौक मंडी के लिए नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर आधुनिक परिसर बनवाया था और बॉक्स भी आवंटित किए गए थे। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश व्यापारी सड़क पर ही बैठकर सब्जियां बेच रहे हैं। मुख्य मार्ग पर बने अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार वाहन चालकों और सब्जी विक्रेताओं के बीच झगड़े तक हो जाते हैं। मंडी परिसर के अंदर सफाई व्यवस्था नदारद है, जिससे गंदगी और दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। छोड़ी गई सब्जियों और कचरे पर आवारा मवेशी मंडराते रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
हाथीपोल मंडी: खाली परिसर, सड़क पर ठेले
हाथीपोल का मंडी परिसर लगभग खाली पड़ा है। विक्रेताओं ने चौराहे और आसपास की सड़कों पर कब्जा कर लिया है। यहां हर समय वाहनों की लंबी कतारें और जाम की स्थिति बनी रहती है। ठेले पर रखी सब्जियों की ओर आकर्षित होकर आवारा मवेशी भीड़ कर देते हैं, जिससे कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं। दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं।
तीज का चौक: ठेला मंडी में तब्दील
देहलीगेट के अंदर तीज का चौक पूरी तरह से ठेला मंडी में बदल चुका है। नगर निगम ने यहां सीमांकन तो किया है, लेकिन विक्रेताओं ने उससे बाहर तक फैला लिया है। संतोषी माता मंदिर और देहलीगेट यातायात पुलिस कार्यालय तक सड़कों पर सब्जी के ठेले जमे रहते हैं। धानमंडी पुलिस थाने से कुछ ही दूरी पर फैली इस अव्यवस्था पर प्रशासन की उदासीनता साफ झलकती है।
