लोन की राशि नहीं चुका पाए, अब उनकी संपत्ति होगी नीलाम
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सहकारी भूमि विकास बैंक द्वारा संपत्तियों की खुली नीलामी 30 को
उदयपुर, 26 दिसम्बर : यदि समय पर ऋण का चुकारा नहीं किया गया तो अब बैंक बकायेदारों की संपत्तियों को नीलाम करेगी। बकाया ऋणों की वसूली को लेकर उदयपुर जिला सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड ने सख्त रुख अपनाते हुए डिफाल्टर सदस्यों की अचल संपत्तियों की खुली नीलामी का निर्णय लिया है। बैंक द्वारा यह कार्रवाई इसी महीने 30 दिसंबर को की जा रही है, जिसमें विभिन्न तहसीलों के सदस्यों की आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियां शामिल होंगी।
बैंक के विक्रय अधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह नीलामी राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2003 के नियम 94(II) के अंतर्गत की जा रही है। नीलामी 30 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बैंक के शास्त्री सर्कल स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित होगी।
नीलामी में सलूम्बर/झल्लारा, भीण्डर/वल्लभनगर, गोगुन्दा, गिर्वा/कुराबड़ तथा बड़गांव तहसील के डिफाल्टर सदस्यों की कुल 15 संपत्तियां सूचीबद्ध की गई हैं। सलूम्बर और झल्लारा क्षेत्र से 1350, 1200, 876 एवं 533 वर्गफीट के आवासीय भवनों के साथ कृषि भूमि शामिल है। भीण्डर/वल्लभनगर से कृषि भूमि एवं आवासीय भूखंड/भवन नीलामी में रखे गए हैं।
इसी तरह, गोगुन्दा तहसील में 300 वर्गमीटर और 1978 वर्गफीट के आवासीय पट्टे शामिल किए गए हैं। वहीं गिर्वा/कुराबड़ क्षेत्र से 4000 एवं 5040 वर्गफीट के आवासीय पट्टे, जगत स्थित दुकान संख्या 06 तथा 1.1500 हेक्टेयर कृषि भूमि नीलामी का हिस्सा होगी। बड़गांव तहसील के भूताला क्षेत्र में स्थित 882 और 630 वर्गफीट के दो आवासीय पट्टे भी सूची में शामिल हैं। बैंक के अनुसार इन डिफाल्टर सदस्यों पर लाखों रुपये का ऋण बकाया है। सबसे अधिक बकाया बड़गांव तहसील के एक सदस्य पर लगभग 15.25 लाख रुपये तथा गिर्वा तहसील के एक सदस्य पर करीब 11.25 लाख रुपये है। बैंक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया वसूली के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
