चित्तौड़गढ़ दुर्ग म्यूजियम का अपग्रेडेशन अटका, बजट का इंतजार जारी
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घोषणा के डेढ़ साल बाद भी काम अधर में, स्टाफ की कमी से पर्यटक निराश
चित्तौड़गढ़, 2 अक्टूबर (उदयपुर डेस्क): यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल चित्तौड़गढ़ दुर्ग के फतेह प्रकाश महल स्थित म्यूजियम का अपग्रेडेशन अब भी अधर में लटका हुआ है। सरकार ने 2024-25 के बजट में नवीनीकरण की घोषणा कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया था, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी बजट की राशि विभागों तक नहीं पहुंची। इसके चलते आमेर विकास प्राधिकरण को जिम्मेदारी मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया।
2019 में भी हुआ था नवीनीकरण
इस म्यूजियम का 2019 में नवीनीकरण किया गया था और वसुंधरा राजे सरकार के समय लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च कर मीरा बाई, पन्ना धाय और राजघराने से जुड़ी दीर्घाएं बनाई गई थीं। इनसे पर्यटकों की संख्या बढ़ी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण आज भी वे गैलरी पूरी तरह खुली नहीं हैं।
दो चरणों में होना था विकास कार्य
योजना के तहत पहला चरण सिविल कार्यों से जुड़ा है जिसमें नए शौचालय, गैलरी और प्रतिमाओं के लिए पेडस्टल शामिल हैं। दूसरा चरण इलेक्ट्रॉनिक कार्यों का है जिसमें लाइटिंग, वाटर कूलर और मीनाकारी जैसी सुविधाएं होनी थीं। बजट न मिलने से फर्म ने काम शुरू ही नहीं किया।
स्टाफ की कमी सबसे बड़ी समस्या
फतेह प्रकाश महल म्यूजियम का सबसे बड़ा संकट स्टाफ और गाइड की कमी है। जहां पूरे म्यूजियम को देखने में एक घंटे का समय लगना चाहिए, वहीं पर्यटक 15-20 मिनट में ही लौट जाते हैं। ऐतिहासिक विभूतियों पर आधारित गैलरियां अधूरी जानकारी के कारण अपना महत्व खो रही हैं।
