US कंपनियों पर ही गिर रही ट्रंप के टैरिफ की गाज
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भारत में बहिष्कार की लहर तेज
नई दिल्ली, 31 अगस्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी टैरिफ नीति अब अमेरिकी कंपनियों पर ही भारी पड़ती दिख रही है। भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ थोपने के बाद देशभर में अमेरिकी उत्पादों के खिलाफ बहिष्कार की लहर चल रही है। कोका-कोला, पेप्सी, केएफसी, मैकडॉनल्ड्स और सबवे जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय उपभोक्ताओं के विरोध का सामना कर रही हैं।
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूसी तेल खरीदने का हवाला देकर 25 प्रतिशत पैनाल्टी भी लगा दी। इस फैसले को भारत ने अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
मोदी और रामदेव की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र दोहराते हुए नागरिकों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, तो हर नागरिक को स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी होगी।
वहीं योगगुरु स्वामी रामदेव ने अमेरिकी उत्पादों के व्यापक बहिष्कार की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत, रूस और चीन मिलकर नया वर्ल्ड ऑर्डर बना सकते हैं और अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती दे सकते हैं।
राजनीतिक मोर्चा भी सक्रिय
आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने ट्रंप को खुला पत्र लिखते हुए 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अगर 146 करोड़ भारतीय एकजुट होकर अमेरिकी कंपनियों का बहिष्कार करें, तो असर अमेरिका तक साफ दिखाई देगा।
निवेश पर संकट
भारत पेप्सिको के लिए शीर्ष 15 वैश्विक बाजारों में शामिल है। कंपनी ने बीते तीन वर्षों में लगभग 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यदि बहिष्कार की लहर लंबी चली, तो अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना कठिन हो जाएगा।
