अमेरिकी पासपोर्ट टॉप-10 से बाहर, सिंगापुर सबसे ताकतवर; भारत की रैंकिंग में सुधार
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वॉशिंगटन डीसी, 14 अक्टूबर: हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में अमेरिकी पासपोर्ट पहली बार दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्टों की टॉप-10 सूची से बाहर हो गया। अब यह 12वें नंबर पर है और 180 देशों में वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा देता है। अमेरिका के रैंकिंग में गिरावट का कारण ब्राजील, चीन, पापुआ न्यू गिनी, म्यांमार, सोमालिया और वियतनाम जैसे देशों द्वारा वीजा नियम सख्त करना है।
सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे ताकतवर है, जो 193 देशों में वीजा-फ्री एंट्री देता है। इसके बाद दक्षिण कोरिया (190) और जापान (189) हैं।
भारत का पासपोर्ट 77वें स्थान पर है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 8 पायदान का सुधार हुआ है। भारतीय पासपोर्ट धारक 59 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसका कारण भारत के नए वीजा समझौते, मजबूत कूटनीति, डिजिटल सुविधा और बढ़ती पर्यटन व व्यापार गतिविधियां हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी पासपोर्ट की कमजोरी दर्शाती है कि विश्व में खुलापन अपनाने वाले देश आगे बढ़ रहे हैं, जबकि सख्त नीतियां अपनाने वाले पीछे रह रहे हैं।
