ज्ञान का प्रयोग राष्ट्र निर्माण में करें: राज्यपाल बागडे
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सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह
उदयपुर, 28 अक्टूबर: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें।
राज्यपाल मंगलवार शाम को भटेवर स्थित सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी पद पर हों या कोई भी कार्य करें, लोककल्याण की भावना को हमेशा आगे रखें और ज्ञान का अहंकार न पालें। बागडे ने युवाओं को समय प्रबंधन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन के पहले 25 वर्ष अध्ययन और योग्य नागरिक बनने के लिए समर्पित करने चाहिए।
राज्यपाल ने वर्ष 2047 तक स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ पर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बताई और भारतीय ज्ञान कोष के अध्ययन और शोध के लिए प्रेरित किया।
समारोह में 331 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। साथ ही भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच सेड्रिक डीसूजा, उद्योगपति मनोज सिंघल और टीवी अदाकारा अर्चना पूरनसिंह को मानद डाक्ट्रेट से सम्मानित किया गया। टॉपर छात्रों को प्रेसिडेंट मैडल और स्वर्ण पदक से नवाजा गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, कुलगुरू एवं प्रशासनिक तथा शिक्षा जगत के गणमान्य उपस्थित थे।
