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अंता उपचुनाव में वसुंधरा राजे का माइक्रो मैनेजमेंट: डॉ. किरोड़ी

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अंता उपचुनाव में वसुंधरा राजे का माइक्रो मैनेजमेंट: डॉ. किरोड़ी

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उदयपुर में बोले कृषि मंत्री — पर्दे के पीछे रहकर संभाल रही थीं चुनावी रणनीति
उदयपुर, 11 नवंबर :
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को उदयपुर प्रवास के दौरान दो अहम बयान दिए — एक राजनीतिक और दूसरा सामाजिक सशक्तिकरण पर। उन्होंने कहा कि अंता विधानसभा उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का माइक्रो लेवल तक मैनेजमेंट हुआ है, वहीं उन्होंने महिला सशक्तिकरण को विकसित भारत की कुंजी बताया।
वसुंधरा राजे ने संभाली उपचुनाव की कमान
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. मीणा ने कहा कि अंता उपचुनाव में वसुंधरा राजे पर्दे के पीछे रहकर चुनावी रणनीति संभाल रही हैं। उन्होंने कहा — “वसुंधरा जी दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और उनके पुत्र भी 11 बार सांसद रहे हैं। उस क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है, और उन्होंने माइक्रो लेवल तक बेहतर मैनेजमेंट किया है। भाजपा निश्चित रूप से वहां जीत दर्ज करेगी।”
राजनीतिक हलकों में इस बयान को डॉ. मीणा और वसुंधरा राजे के बीच बढ़ते तालमेल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नरेश मीणा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि “वे कभी मेरे साथ जुड़े ही नहीं रहे। केवल वोट पाने के लिए झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। वे न तो एबीवीपी से जुड़े रहे और न ही भाजपा से।”
प्याज के बढ़ते दामों पर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्याज का कोई एमएसपी नहीं होता, इसके भाव बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करते हैं।


महिला सशक्तिकरण से साकार होगा विकसित भारत का सपना
उदयपुर में होटल ताज अरावली में आयोजित ‘एग्रीकल्चर एंड लाइवस्टॉक एंटरप्रेन्योरशिप पर नेशनल कांफ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा — “वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होंगी।”
राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 50.69 लाख ग्रामीण परिवारों को 4.25 लाख स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। ये समूह 31 हजार ग्राम संगठनों और 1074 क्लस्टर लेवल फेडरेशनों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं।
आदिवासी इलाकों में आजीविका बढ़ाने की जरूरत
डॉ. मीणा ने कहा कि उदयपुर संभाग जैसे आदिवासी क्षेत्रों में खेती योग्य भूमि और पशुपालन सीमित है, जिसके कारण पलायन बढ़ रहा है। ऐसे में स्वयं सहायता समूह इन इलाकों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम को अन्त्योदय की भावना से जोड़ते हुए कहा कि इससे लाखों परिवार गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा, संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा, इंडियन बैंक के एमडी शिव बजरंग सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम पर आधारित पुस्तिका का विमोचन और महिलाओं की वित्तीय सुविधा हेतु इंडियन बैंक-राजीविका पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

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