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पट्टों को लेकर चारों दिशाओं में बजे चेतावनी ढोल, 16 को कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल

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पट्टों को लेकर चारों दिशाओं में बजे चेतावनी ढोल, 16 को कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल

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205 गांवों के ग्रामीणों ने टायर जलाकर किया प्रदर्शन, मांगा अपने पट्टों का हक
उदयपुर, 13 दिसम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
एक तरफ राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को जिले सहित प्रदेशभर में भाजपा सरकार द्वारा जश्न के ढोल बजाए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उदयपुर में पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ शहर के चारों प्रमुख प्रवेश द्वारों पर ढोल बजाकर, टायर जलाकर और नारेबाज़ी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया गया।
यह प्रदर्शन यूडीए पेराफेरी में शामिल पंचायतों एवं नगर निगम में शामिल गांवों में पट्टों की मांग को लेकर किया गया। गत दिनों से चल रहा जन आंदोलन अब उग्र रूप लेने लगा है। आंदोलनकारियों ने शीघ्र समाधान नहीं होने पर 16 दिसंबर को 205 गांवों की जनता द्वारा कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल की चेतावनी दी है।
आंदोलन के तहत प्रशासन को चेताने के उद्देश्य से शहर के चारों दिशाओं में प्रमुख प्रवेश द्वारों पर प्रदर्शन किया गया। पूर्व दिशा में देबारी ब्रिज स्थित हनुमान चौराहा, पश्चिम में रामपुरा चौराहा, उत्तर में भुवाणा चौराहा तथा दक्षिण में सवीना क्षेत्र में ढोल बजाकर प्रदर्शन किया गया और यूडीए व नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की गई। प्रदर्शन स्थलों पर आसपास के पेराफेरी गांवों के प्रमुख नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में 16 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया।
संघर्ष समिति संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि पट्टों सहित जनहित से जुड़ी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। जनता सरकार के दो साल के जश्न में शामिल होना चाहती है, लेकिन पट्टे तो जारी करावे। यहां प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते जनता में भारी रोष है और सर्व समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की मुख्य मांगों में नगर निगम में शामिल 23 नए पेराफेरी गांवों के निवासियों को नियम 69-ए के तहत 31 दिसंबर 2024 की बसावट के आधार पर पट्टे जारी करना, निगम विस्तार से पूर्व लंबित पट्टा आपत्तियों का विशेष राहत देकर निस्तारण करना तथा यूडीए पेराफेरी पंचायतों की 31 दिसंबर 2024 तक की आबादी वाली भूमि को संबंधित पंचायतों को आबादी प्रयोजनार्थ सौंपना शामिल है।
समिति के प्रकाश प्रजापत और नंदलाल वैद ने कहा कि सरकार बिना नोटिस तोड़े गए घरों में बसर करने वाले गरीबों को न्याय दे। साथ ही, भविष्य में बिना सुनवाई किसी का आशियाना न तोड़ने, पहाड़ी भू-भाग वाले नए पेराफेरी गांवों को यूडीए से बाहर रखने तथा यूडीए पेराफेरी में शामिल 70 नए गांवों की आबादी वाली बिलानाम एवं चरागाह भूमि पंचायतों को हस्तांतरित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघर्ष समिति के ईश्वर लाल, लोकेश पालीवाल का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक गांव या वर्ग का नहीं, बल्कि सभी पेराफेरी पंचायतों के अधिकारों और न्यायपूर्ण पट्टों के लिए है। यदि प्रशासन ने समय रहते समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान गोपाल पारगी, फतह लाल, सुरेश लाल, शोभालाल, सत्यनारायण, धरमचंद, विष्णु पटेल, मदन डांगी समेत कई गांवों के सरपंच पंच प्रतिनिधि सर्व समाज के मोतबीर मौजूद रहे।

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