अवैध रूप से एएनएम ट्रेनिंग सेंटर चलाने वालों का भण्डाफोड़
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सेंटर संचालक गिरफ्तार, कई युवतियों को दे चुका फर्जी डिग्रियां
बांसवाड़ा | 19 अगस्त
जिले की आनंदपुरी थाना पुलिस ने परतापुर कस्बे में अवैध रूप से माही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर चलाने वालों का भण्डाफोड़ किया है। पुलिस ने मंगलवार को सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है। वहीं उसके साथियों की तलाश की जा रही है। सेंटर संचालक कई युवतियों को एएनएम की फर्जी डिग्रियां देकर लाखों रुपए वसूल चुका है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि सीता पत्नि कांतिलाल सिंघाड़ा निवासी नाना भुखिया ने एक इस्तगासा जेएम न्यायालय आनन्दपुरी में पेश किया था। इसमें बताया कि ग्राम नाना भुखिया आंगनवाड़ी केन्द्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का पद रिक्त होने से उसकी भर्ती निकली थी। भर्ती बाल विकास परियोजना कार्यालय आनन्दपुरी ने आयोजित की थी। भर्ती में सीता, अंजना पत्नि शांतिलाल सिंघाड़ा एवं अन्य ने आवेदन किया था। पद के लिए अंजना का चयन हुआ था। अंजना ने आंध्रप्रदेश से जारी एएनएम की फर्जी डिग्री आपने दस्तावेजों के साथ संलग्न कर नियुक्ति प्राप्त की थी। इस्तगासे पर पुलिस थाना आनन्दपुरी ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया।
विशेष टीम का किया गठन
प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारद्वाज, उप अधीक्षक सन्दीपसिंह शक्तावत के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी आनन्दपुरी कपिल पाटीदार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें एएसआई जितेंद्र पाटीदार, हेड कांस्टेबल महीपालसिंह, भरत, कांस्टेबल जितेंद्र और संजय को सम्मिलित किया गया। अनुसंधान में पता चला कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती ग्रेडिंग के आधार पर हुई थी। अंजना के सर्वाधिक 11 अंक तथा सीता के 8 अंक आए थे। भर्ती में विशेष योग्यता के तौर पर अंजना ने एएनएम. की डिग्री प्रस्तुत की थी, जिस पर उसे 3 अतिरिक्त अंक मिले। उक्त 3 अंक नहीं मिलने पर उम्र के आधार पर सीता को नियुक्ति मिलती।
सत्यापन में फर्जी पाई डिग्री
भर्ती में अंजना की ओर से पेश डिग्री के सतयापन के लिए पुलिस टीम आंधप्रदेश भेजी गई। टीम ने ज्वाइंट डायरेक्टर, कमिश्नर ऑफ हेल्थ एण्ड फैमिली वेलफेयर अमरावती (आंध्रप्रदेश) से अंजना की एएनएम की डिग्री का सत्यापन करवाया और रिकॉर्ड लिया तो उक्त डिग्री फर्जी पाई गई। इस मामले में पूर्व में अंजना को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। अंजना ने पूछताछ में डिग्री परतापुर कस्बे में माही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में प्रवेश लेकर ट्रेनिंग कर लेना बताया था। सेंटर का संचालन नरेन्द्र पण्ड्या व चिराग पंचाल करते थे। उन्होंने ही अंजना को डिग्री उपलब्ध कराई गई थी। इसके लिए 70 हजार रुपए लिए थे। पुलिस ने रजिस्ट्रार राजस्थान नर्सिंग कौंसिल से जानकारी ली तो माही एएनएम ट्रेनिंग सेंटर परतापुर फर्जी होना बताया। इस पर मंगलवार को पुलिस ने आरोपी नरेन्द्र पण्ड्या निवासी रींछा हाल तिरूपति नगर बांसवाड़़ा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चिराग पंचाल निवासी मोटी बस्सी के साथ सेंटर चलाने, अंजना का एडमिशन करने और डिग्री के नाम पर 45 हजार रुपए लेना बताया। पुलिस आरोपी से ट्रेनिंग सेंटर में कार्य करने वालों के सम्बन्ध में जानकारी ले रही है। इसके बाद संचालक चिराग पंचाल व कार्मिकों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
