खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने गई छात्रा के दुष्कर्मी को 20 वर्ष का कठोर करावास
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विशेष न्यायालय पोक्सो कोर्ट का फैसला
बांसवाड़ा| 18 अगस्त 2025
खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने की गई एक छात्रा का अपहरण और दुष्कर्म करने के ढाई वर्ष पुराने एक प्रकरण में विशेष न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की न्यायाधीश तारा अग्रवाल ने आरोपी को 20 वर्ष का कठोर करावास से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता के भाई ने 7 दिसंबर 2022 को कुशलगढ़़ थाने रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया कि उसकी नाबालिग बहिन आम्बापाड़ा गांव में खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने गई थी। 3 दिसंबर को वह प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद टीम के कैंप में जा रही थी। रास्ते में आरोपी अंकेश पुत्र भूरजी निवासी घाटा अपने साथी के साथ मोटर साइकिल पर आया और उसकी बहिन को जबरन अपने साथ बिठाकर अपहरण कर ले गया। शाम तक पीड़िता के कैंप में नहीं आने पर कैंप प्रभारी शिक्षक ने काॅल कर सूचना दी। इसके बाद परिजन तलाश में जुटे तो अंकेश द्वारा अपहरण कर ले जाने की जानकारी मिली। आरोपी के परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने भी बताया कि अंकेश किसी लड़की को लेकर आया था। रात को घर पर रुका था और सुबह घर से निकल गया। इसके बाद जानकारी नहीं है। रिपोर्ट में आरोपी पर बहिन के साथ आपराधिक वारदात करने का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया। अनुसंधान के दौरान नाबालिग को दस्तायाब किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म भी किया। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अन्तर्गत दोषी करार दिया।
यह सुनाई सजा
विशिष्ट लोक अभियोजक हेमेंद्रनाथ पुरोहित ने बताया कि प्रकरण में न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत आरोपी अंकेश को 3 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपए आर्थिक दंड, धारा 366 के तहत 4 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए आर्थिक दंड, धारा 343 के तहत 1 वर्ष का कारावास और 3 हजार रुपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित किया। आर्थिक दंड अदा नहीं करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगताने के आदेश दिए।
