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बरसात में बढ़े दस गुना त्वचा रोगी, एमबी हॉस्पिटल में रोजाना 500 मरीज

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बरसात में बढ़े दस गुना त्वचा रोगी, एमबी हॉस्पिटल में रोजाना 500 मरीज

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ओमपाल सीलन
उदयपुर, 1 सितंबर

बरसात का मौसम जहां ताजगी और ठंडक लेकर आता है, वहीं यह कई मौसमी बीमारियों का कारण भी बनता है। इनमें त्वचा रोग सबसे आम हैं। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमबी हॉस्पिटल में सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 50 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आते हैं, लेकिन मानसून के शुरू होते ही यह संख्या दस गुना बढ़कर करीब 500 मरीज प्रतिदिन पहुंच चुकी है।
डॉक्टरों के अनुसार बरसात की नमी और गंदगी के कारण फंगल इंफेक्शन, खुजली, दाद, घमौरियां और स्किन एलर्जी तेजी से फैलती हैं। इन रोगों का असर आमतौर पर सितंबर से शुरू होकर सर्दियों तक बना रहता है। जब मौसम गर्म होता है तब जाकर मरीजों को इन समस्याओं से राहत मिलती है। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में यह रोग अधिक देखने को मिलता है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। यही वजह है कि बारिश आते ही इनकी संख्या तेजी से बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात में भीगे कपड़े तुरंत बदलें और शरीर को सूखा रखें। ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि त्वचा सांस ले सके। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और एंटीसेप्टिक साबुन का उपयोग करें। पसीने और नमी से बचने के लिए टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करें। तौलिया, कपड़े और कंघी जैसे व्यक्तिगत सामान दूसरों के साथ साझा न करें। खुजली, लाल चकत्ते या लगातार जलन की स्थिति में तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।
स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. असित मित्तल बताते हैं कि बारिश और सर्दी के महीनों में त्वचा रोग अधिक फैलते हैं, जिससे मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है। गर्मियों के शुरू होते ही त्वचा रोग कम होने लगते हैं और मरीजों की संख्या सामान्य स्तर पर लौट जाती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि स्वच्छता बनाए रखना और थोड़ी सावधानी बरतना त्वचा रोगों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है। समय पर इलाज लेने से गंभीर संक्रमण होने की संभावना भी कम हो जाती है।
मच्छरजनित रोगी भी बढ़े
मानसून के मौसम में मच्छरजनित रोगों में वृद्धि देखी जा रही है। शहर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। सीएमएचओ डॉ. शंकर एच बामनिया का कहना है कि बारिश और खड़े पानी में मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण संक्रमण फैलता है। बरसात के मौसम में गंदगी, खेत-खलिहान और पानी का संचयन प्रमुख कारण हैं।
मच्छरजनित रोग: उदयपुर में स्थिति (मानसून अपडेट)
रोग का नाम सामान्य स्थिति (प्रति दिन) मानसून में स्थिति (प्रति दिन) मुख्य कारण सावधानी उपाय
डेंगू 5–10 40–50 खड़े पानी में मच्छर घर में पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें
मलेरिया 3–5 20–25 गंदगी और stagnant water कमरों में कीट नाशक स्प्रे करें, सूखी जगहें बनाएं
चिकनगुनिया 2–4 15–20 पानी का संचयन, मच्छर शरीर को ढककर रखें, मच्छरदानी में सोएं
स्क्रब टाइफस 0–2 5–10 खेत-खलिहान, मिट्टी खेत-खलिहान में लंबा कपड़ा पहनें, साफ सफाई रखें

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