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बोरी गांव के जर्जर स्कूल में खुले आसमान तले पढ़ने को मजबूर बच्चे

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बोरी गांव के जर्जर स्कूल में खुले आसमान तले पढ़ने को मजबूर बच्चे

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चारों कक्षाएं खस्ताहाल, बारिश में करनी पड़ती है छुट्टी

डूंगरपुर। 29 अगस्त
डूंगरपुर शहर से सटे बोरी गांव का राजकीय प्राथमिक स्कूल केतन फला बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। यहां कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती है, लेकिन भवन जर्जर होने से बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
स्कूल में कुल 61 बच्चे पंजीकृत हैं और चार कमरे बने हुए हैं। इनमें से तीन कमरे जर्जर हालत के कारण पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं, जबकि चौथे कमरे में केवल ऑफिस का सामान रखा गया है। बरामदे भी खस्ताहाल होने से उनका उपयोग संभव नहीं है। नतीजतन बच्चों को मजबूरन बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है।
स्टाफ के अनुसार स्कूल भवन की दुर्दशा की जानकारी कई बार अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सबसे बड़ी समस्या बारिश के मौसम में आती है। जर्जर कमरों में पढ़ाना खतरे से खाली नहीं और खुले में पढ़ाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बरसात के दिनों में अक्सर बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है।
ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि यह स्थिति केवल बोरी तक सीमित नहीं है। जिले के कई अन्य प्राथमिक स्कूल भी जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए तत्काल नए भवनों का निर्माण जरूरी है। स्थानीय लोग शिक्षा विभाग से मांग कर रहे हैं कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा दिलाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।

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