राजस्थान में अब ED-इनकम टैक्स की तर्ज पर होगी पौधारोपण की जांच
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वन मंत्री बोले- बंद लिफाफे में तय होगी निरीक्षण की जगह, पहली बार होगी त्रि-स्तरीय ऑडिट प्रणाली
उदयपुर। 4 अगस्त
राजस्थान में अब पौधारोपण की निगरानी ईडी और इनकम टैक्स की तर्ज पर होगी। पौधों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों को बंद लिफाफा सौंपा जाएगा, जिसमें निरीक्षण की जगह गुप्त रूप से बताई जाएगी। यह जानकारी वन, पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान दी।
राज्य में पहली बार त्रि-स्तरीय मूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत तीन प्रतिष्ठित एजेंसियों को शामिल किया गया है—भोपाल की इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, जयपुर की सेंटर फॉर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड स्टडीज और जोधपुर की एरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट। ये एजेंसियां राज्यभर की 300 से अधिक साइटों का मूल्यांकन करेंगी।
खेजड़ी कटने के आरोपों को किया खारिज
जैसलमेर और मारवाड़ क्षेत्र में खेजड़ी पेड़ों की कटाई को लेकर चल रहे विवाद पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि न तो वन क्षेत्रों में पेड़ काटे जा रहे हैं और न ही सोलर पैनल के लिए खेजड़ी को हटाया जा रहा है। यदि कहीं पेड़ काटे जाते हैं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पौधारोपण में रिकॉर्ड वृद्धि
मंत्री शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष केंद्र ने 3 करोड़ पौधों का लक्ष्य दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने 7.35 करोड़ पौधे लगाकर यह लक्ष्य दोगुना पार कर दिया। इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें अब तक 7.91 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। हरियालो राजस्थान पोर्टल पर इनकी जियो टैगिंग सहित जानकारी अपलोड की गई है।
लव कुश गार्डन से होगा अतिक्रमण पर नियंत्रण
वन विभाग की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए “लव कुश गार्डन” जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इन गार्डनों को पर्यटकों के लिए निशुल्क खोला जाएगा, जबकि कुछ में टिकट प्रणाली भी होगी।
राजस्थान बनेगा पर्यावरण संरक्षण का मॉडल
राज्य मंत्री ने कहा कि हरियालो राजस्थान योजना और विभागीय समन्वय के जरिए राजस्थान को पर्यावरण संरक्षण में देश का मॉडल राज्य बनाया जाएगा। आमजन की भागीदारी के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
