हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप हारे, पढ़ा रहा निजी स्कूल
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-एनसीईआरटी की अनुशंसित पुस्तक में पढ़ रहे सातवीं के बच्चे
उदयपुर। 6 अगस्त
एक ओर मेवाड़ में गर्व से यह बात कही जाती है कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप ने मुगल सम्राट अकबर की सेना को पराजित कर पीछे खदेड़ा था, वहीं मेवाड़ के ही एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल सेंट्रल पब्लिक स्कूल (सीपीएस) में कक्षा सात के विद्यार्थियों को यह पढ़ाया जा रहा था कि अकबर ने महाराणा प्रताप को हराया।
यह विवादास्पद जानकारी गोयल ब्रदर्स प्रकाशन की सोशल साइंस की पुस्तक ‘Success’ के पेज 41 पर दी गई है। इसमें लिखा गया है— “Some Rajput chiefs did not accept Akbar’s suzerainty. He defeated Rana Pratap of Mewar in the Battle of Haldighati in 1576.”
इस तथ्य ने ना केवल पुस्तक प्रकाशक को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि स्कूल प्रबंधन और एनसीईआरटी पर भी सवाल उठाए हैं कि इतिहास से जुड़े ऐसे संवेदनशील तथ्यों पर लापरवाही कैसे हो गई।
जैसे ही यह मामला सामने आया, स्कूल प्रशासन हरकत में आया। प्रशासनिक अधिकारी सुनील बाबेल ने बताया कि इस पुस्तक को तुरंत प्रभाव से हटाया गया है और प्रकाशक को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। नई पुस्तक बच्चों को मुफ्त में दी जाएगी, उसका खर्च प्रकाशक से वसूला जाएगा। साथ ही इस मामले की रिपोर्ट एनसीईआरटी को भी भेजी जा रही है।
बाबेल ने कहा कि बच्चों को अब सही इतिहास पढ़ाया जाएगा और स्पष्ट किया जाएगा कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप ही विजयी हुए थे, न कि अकबर। इस घटना ने मेवाड़वासियों की भावनाओं को आहत किया है और ऐतिहासिक तथ्यों की शुद्धता को लेकर एक बार फिर चेताया है।
