हल्दीघाटी युद्ध में कौन जीता? स्कूल प्रबंधन ने प्रकाशक से मांगा स्पष्टीकरण
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एनसीईआरटी की अनुशंसा के दस्तावेज भी तलब किए गए प्रकाशक से
ग्लोबल हिस्ट्री फोरम ने बुलाई आपात बैठक, अन्य स्कूलों की पुस्तकें टटोलने पर विचार
शिक्षा मंत्री बोले, इतिहासविद बताएंगे सही क्या
उदयपुर। 7 अगस्त
एनसीईआरटी द्वारा अप्रूव्ड पुस्तक में हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप को हारा हुआ बताए जाने का तथ्य सामने आने के बाद संबंधित स्कूल ने प्रकाशक से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, पुस्तक के एनसीईआरटी अपूव्ड होने के दस्तावेजी प्रमाणों की प्रति भी तलब की है। इस बीच, ग्लोबल हिस्ट्री फोरम ने शुक्रवार को आपात बैठक बुलाई है। इधर, उदयपुर प्रवास पर आए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी पत्रकारों के इस संदर्भ में पूछे गए सवाल पर इतिहासविदों द्वारा निर्णय किए जाने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि उदयपुर सीबीएसई से सम्बद्ध सेंट्रल पब्लिक स्कूल में 7वीं के बच्चों को पढ़ाई जा रही गोयल ब्रदर्स प्रकाशन की सोशल साइंस की ‘सक्सेस’ पुस्तक के 41वें पेज पर ‘कैम्पेन अगेंस्ट राजपूत स्टेट्स’ के उपशीर्षक के साथ दिए गए विवरण में हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप को हारा हुआ बताया गया है। यह तथ्य सामने आने के बाद स्कूल ने इस पुस्तक को हटाकर दूसरी पुस्तक लगाने और संबंधित प्रकाशन को ही स्कूल में ब्लैक लिस्टेड करने का निर्णय किया है।
लेकिन, एनसीईआरटी से अप्रूव्ड इस पुस्तक को लेकर इतिहासविदों की संस्था ग्लोबल हिस्ट्री फोरम ने सवाल खड़े किए हैं। ग्लोबल हिस्ट्री फोरम के संस्थापक महासचिव डॉ. अजात् शत्रु सिंह शिवरती ने बताया कि वर्षों से मेवाड़, महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी युद्ध को लेकर इतिहास पुस्तकों में भ्रामक और तथ्यहीन विवरण दिए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार यह विषय केवल आपत्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगठित रूप से सुधार की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही एनसीईआरटी की पुस्तक के एक मानचित्र में मेवाड़ को मराठा साम्राज्य के अधीन बताने का मामला सामने आया है। जिस पर नाथद्वारा विधायक और मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ व उनकी पत्नी राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केन्द्रीय मंत्री तक नाराजगी व्यक्त की है। अब एनसीईआरटी अप्रूव्ड पुस्तक में हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप को हारा हुआ बताने का तथ्य सामने आया है। दोनों ही त्रुटियां गंभीर हैं।
उन्होंने बताया कि फोरम की एक आपात बैठक 8 अगस्त को बुलाई गई है जिसकी अध्यक्षता संस्थापक अध्यक्ष व वरिष्ठ इतिहासविद प्रो. जी.एल. मेनारिया करेंगे। बैठक में सभी स्कूल संचालकों से मिलकर इतिहास संबंधी पुस्तकों के अवलोकन की अपील की जाएगी। केंद्र सरकार, एनसीईआरटी अध्यक्ष, सदस्यगण और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखे जाएंगे। आमजन को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। डॉ. अजातशत्रु ने बताया कि प्रकाशक को ब्लैक लिस्ट करने वाले स्कूल प्रबंधन का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री बोले, इतिहासविद देखेंगे
गुरुवार को उदयपुर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा के दौरान इस मुद्दे के सवाल पर राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि शिक्षा मंत्री हर विषय का ज्ञाता हो और उसे हर बात पता हो। जहां तक ऐतिहासिक तथ्यों की बात है, वह इतिहासविद तय करेंगे।
विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने की शिक्षा मंत्री से मांग
इधर, नाथद्वारा विधायक और मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ ने NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में मेवाड़ सहित कई रियासतों को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाने पर फिर से बयान जारी कर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि “मेवाड़ में राज केवल मेवाड़ का रहा है, यह इतिहास से खिलवाड़ है।” उन्होंने शिक्षा मंत्री से त्रुटि को तुरंत सुधारने की मांग करते हुए कहा कि इतिहास केवल विषय नहीं, बल्कि हमारी पहचान और आत्मा का आईना है, जिसे विकृत नहीं किया जाना चाहिए।
