“गोल्डन ऑवर” में जीवन बचाने की संभावना बढ़ाएगा एमबी अस्पताल का ऐप
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-घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मिलेगी चिकित्सा टीम
-आरएनटी मेडिकल कॉलेज की ओर से शीघ्र लागू होने जा रहा है यह ऐप
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 9 अगस्त: गंभीर रूप से घायल या बीमार मरीजों की जान समय पर उपचार मिलने से बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर एक नई तकनीकी सुविधा लागू करने जा रहा है, जिसके तहत मरीज को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी चिकित्सा तैयारी शुरू हो जाएगी।
यह व्यवस्था एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिये संचालित होगी, जो जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और सैटेलाइट अस्पतालों में उपलब्ध रहेगा। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, स्ट्रोक या किसी अन्य गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी पूरी जानकारी — जैसे बीमारी का प्रकार, मौजूदा स्थिति, आवश्यक उपचार और किस विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत होगी — बड़े अस्पताल को भेज दी जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि मरीज कितने समय में अस्पताल पहुंचेगा। ऐप पर जानकारी अपलोड होते ही वह संबंधित चिकित्सालयों में ब्लिंक करके सावचेत करेगा।
एम्बुलेंस पर इस ऐप की जानकारी का स्टिकर चिपकाया जाएगा ताकि एम्बुलेंस चालक और नर्सिंगकर्मी भी मौके से ही डेटा भेज सकें। इससे आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी अस्पताल मरीज के आने से पहले ही उपचार की तैयारी कर लेंगे, जिससे “गोल्डन ऑवर”में जीवन बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर ने चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव को योजना की जानकारी दे दी है और इसे जल्द लागू करने की तैयारी है। हालांकि, इसकी आधिकारिक तिथि की घोषणा अभी बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक पूरे राजस्थान और फिर देशभर में लागू हो जाए, तो सड़क हादसों और आकस्मिक बीमारियों में मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
अन्य राज्यों में भी है “इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम”
देश के कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह की पहल हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर, केरल, कर्नाटक और दिल्ली में “इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम” और एम्बुलेंस से रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग की सुविधा उपलब्ध है। वहीं तमिलनाडु में 108 एम्बुलेंस सेवा के साथ मरीज की स्थिति और लोकेशन की जानकारी पहले से अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था है। इन मॉडलों से प्रेरणा लेकर उदयपुर में यह योजना लागू होने जा रही है, जो स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
