बाप सांसद रोत का दावा, देश में 2 करोड़ आदिवासियों का हुआ धर्मांतरण
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उदयपुर। 11 अगस्त
बीएपी सांसद राजकुमार रोत अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चा में बने रहते हैं। चित्तौड़गढ़ में आयोजित कार्यक्रम में बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि देश में करीब 2 करोड़ आदिवासी समुदाय के लोग अपना धर्म छोड़कर अन्य धर्म में परिवर्तित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इनकी गणना सहित देश में कुल आदिवासी जनसंख्या लगभग 17 करोड़ तक पहुंच गई है।
रोत ने मंच से कहा कि 2011 की जनगणना में देश में 10 करोड़ 47 लाख आदिवासी दर्ज थे, लेकिन वर्तमान में यह संख्या 14 से 15 करोड़ के बीच है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर छोटे-बड़े त्योहार पर शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन इस बार विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई नहीं दी गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ऐसा ही किया।
राज्य सरकार पर आरोप, आदिवासी दिवस कार्यक्रम में हुआ घोटाला
सांसद ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि आदिवासी दिवस के कार्यक्रम के लिए घोषित 50 लाख रुपये में से 25 लाख का ही उपयोग सामागांव में किया गया, जबकि शेष राशि अन्य आयोजनों में खर्च कर दी गई। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के आने की घोषणा के बावजूद कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति निराशाजनक रही।
भील प्रदेश की मांग दोहराई
रोट ने फिर एक बार भील प्रदेश बनाने की पुरानी मांग उठाई। उनका कहना था कि अगर यह प्रदेश अस्तित्व में होता तो चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा जैसे जिलों का भील समाज बदहाली से बाहर होता और उन्हें विशेष अधिकार व संसाधन मिलते। सभा में उन्होंने याद दिलाया कि हल्दीघाटी के युद्ध में भील योद्धाओं की भूमिका निर्णायक रही थी, लेकिन उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के इतिहास और बलिदान को पाठ्यक्रम और सरकारी स्मारकों में उचित स्थान मिलना चाहिए।
