चित्तौड़गढ़ रेप-मर्डर कांड: परिजनों को गैंगरेप का शक
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1 करोड़ मुआवजा, पीड़ित परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी के साथ आरोपियों को फांसी देने की मांग
राजनीतिक हस्तक्षेप से जांच प्रभावित होने की आशंका; कलेक्ट्रेट पर 2 घंटे प्रदर्शन
उदयपुर। 11 अगस्त
11वीं कक्षा की छात्रा के रेप और हत्या मामले में रविवार को परिजनों और ग्रामीणों ने चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों ने इस वारदात को गैंगरेप करार देते हुए आशंका जताई कि इसमें राजनीतिक लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोपियों को फांसी, 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
6 अगस्त को मिली थी लाश
घटना 6 अगस्त को सामने आई, जब पुलिस को निम्बाहेड़ा रोड स्थित तुलसी एन्क्लेव में पानी से भरे प्लॉट में युवती का शव मिलने की सूचना मिली। जांच में पता चला कि आरोपी भूपेंद्र पुष्करणा युवती को अपने दोस्त के कमरे पर ले गया था, जहां वह बेहोश हो गई। इसके बाद भूपेंद्र ने नाबालिग दोस्त की मदद से उसे पास के खाली प्लॉट में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, युवती जिंदा थी, लेकिन पानी में पड़ी रहने से फेफड़ों में पानी भर जाने से उसकी मौत हो गई।
युवती का एक बड़ा भाई और दो छोटी बहनें हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर है। पूर्व सरकार की योजना में मिले मोबाइल से वह सोशल मीडिया चलाती थी, जिसमें आरोपी के साथ चैट हिस्ट्री मिली है। परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने तलाश शुरू की। इस बीच, कमरे में खून देखने पर नाबालिग ने पुलिस को सूचना दी। गुमशुदगी रिपोर्ट, कमरे में खून और प्लॉट में शव मिलने—तीनों घटनाओं को जोड़कर पुलिस ने मामले का खुलासा किया। वारदात के बाद आरोपी रतलाम भाग गया, जहां से उसे हिरासत में लिया गया। 112 नंबर पर कॉल करने वाले नाबालिग को भी पुलिस ने डिटेन किया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दी गई तो समाज उग्र आंदोलन करेगा। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
