निर्माणाधीन स्कूल का छज्जा गिरने से मासूम की मौत, कार्यक्रम छोड़ दौड़े मंत्री
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एक गंभीर घायल, परिवार को मुआवजा
निलंबन व लापरवाही पर उठे सवाल
उदयपुर, 16 अगस्त: उदयपुर जिले के सुदूर जनजाति क्षेत्र कोटड़ा में सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही का एक और भयावह उदाहरण सामने आया, जब 15 अगस्त को पाथर पाड़ी गांव में निर्माणाधीन सरकारी स्कूल का छज्जा अचानक गिर गया। हादसे में 12 वर्षीय मीरा पुत्री श्यामा की मौके पर मौत हो गई, जबकि 11 वर्षीय सकू पुत्री वालजी गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना उस समय हुई, जब दोनों बालिकाएं स्वतंत्रता दिवस समारोह से मिठाई लेकर घर लौट रही थीं और स्कूल के पास से गुजर रही थीं। तभी छज्जा भरभराकर गिरा और मीरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल सकू को परिजन गंभीर हालत में इलाज के लिए गुजरात ले गए, जहां उसका उपचार जारी है।
मृतक मीरा अपनी मां के साथ रक्षाबंधन पर्व पर गऊ पीपला गांव से ननिहाल पाथर पाड़ी आई हुई थी। हादसे की खबर मिलते ही गुजरात में मजदूरी कर रहे पिता श्यामा को सूचना दी गई। वे देर शाम घटना स्थल पहुंचे, जिसके बाद परिजनों को जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी की समझाइश पर शव मोर्चरी में रखवाने पर राज़ी किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी हंसमुख कुमार, पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र सिंह राठौड़, थानाधिकारी मुगला राम, सीबीओ विजय लक्ष्मी सारस्वत, प्रधान सुगना देवी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायज़ा लिया।
इधर, जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने उदयपुर में चल रहे अपने अन्य सभी कार्यक्रम रद्द कर घटना स्थल पर पहुंचकर मृतका के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना व्यक्त की। एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एसडीएम हंसमुख कुमार, पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र सिंह राठौड़, थानाधिकारी मुगला राम, सीबीओ विजय लक्ष्मी सारस्वत सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा।
शुक्रवार शाम को मृतका के परिजनों और प्रशासन के बीच 11 लाख रुपए मुआवजे पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। देर शाम होने के कारण अंतिम संस्कार संभव नहीं हो सका और शनिवार को बालिका का अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ और गुणवत्ता जांच की अनदेखी की गई। बताया गया कि भवन का निर्माण केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के अंतर्गत हो रहा था, जिसके लिए 73.61 लाख रुपए का वर्क ऑर्डर जारी हुआ था। कार्य फरवरी में शुरू होकर 5 अगस्त तक पूरा होना था, लेकिन काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाया।
शिक्षा विभाग ने घटना के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए कार्यवाहक सहायक अभियंता हिम सिंह और 30 वर्ष से संविदा पर कार्यरत जेईएन अनिल कश्यप को निलंबित कर दिया। कोटड़ा पुलिस ने कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
