पहली वागड़ी फिल्म तण वाटे का बनेगा एआई वर्जन
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निर्देशक प्रदीप द्विवेदी ने कलाकारों संग शुरू किए प्रयास, 1986 में हुई थी फिल्म की ऐतिहासिक शुरुआत
उदयपुर, 21 अगस्त: पहली वागड़ी फिल्म तण वाटे को अब एआई वर्जन में बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। निर्देशक प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि इस दिशा में फिल्म के प्रमुख कलाकार भंवर पंचाल और जगन्नाथ तेली के साथ मिलकर प्रयास शुरू किए गए हैं।
द्विवेदी ने कहा कि त्रिलोकपति और बजरंगबली प्रोजेक्ट से मिले अनुभव से स्पष्ट है कि भविष्य में फिल्म निर्माण में एआई की बड़ी भूमिका होगी।
1986 में हुई थी पहली वागड़ी फिल्म की शुरुआत
14 अगस्त 1986 को फिल्म का मुहूर्त बांसवाड़ा के आजाद चौक में हुआ था। अगले दिन 15 अगस्त को फिल्म पूरी होने के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने प्रदीप द्विवेदी को प्रशंसा-पत्र देकर इसे मान्यता दी।
फिल्म के निर्माण में जगन्नाथ तेली, भंवर पंचाल, कैलाश जोशी, सालेह सईद, संगीत निर्देशक डॉ. शाहिद मीर खान, अनिल जैन, हेमंत त्रिवेदी सहित अनेक वागड़वासियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
फिल्म की थीम और कहानी
तण वाटे अस्सी के दशक में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या पर आधारित थी। फिल्म का संदेश था कि बेरोजगारों के सामने तीन रास्ते हैं— बेईमानी, ईमानदारी और अर्ध ईमानदारी। कहानी तीन दोस्तों की थी, जिन्होंने अलग-अलग रास्ते चुने। इसमें भंवर पंचाल ने ईमानदार डॉक्टर, जबकि जगन्नाथ तेली ने बेईमान बेरोजगार की भूमिका निभाई। फिल्म का लोकप्रिय गीत काम मले तो काम करं ने, ने मले तो हूं करं… दर्शकों को खूब पसंद आया।
ऐतिहासिक महत्व और मान्यता
यह फिल्म बांसवाड़ा में पहली बार 16 एमएम पर फिल्माई गई। उस दौर में तकनीकी कठिनाइयों और उच्च लागत के बावजूद फिल्म पूरी हुई। इसका पहला भव्य प्रदर्शन खड़गदा में हुआ और इसे पुरस्कार भी मिला। यही कारण है कि इसे पहली वागड़ी फिल्म के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।
