चित्तौड़गढ़ हादसा: पांचवें दिन मिली 6 साल की रूत्वी की लाश
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गूगल मैप की गलती और चेतावनी बोर्ड के अभाव में 4 लोगों की जान गई
चित्तौड़गढ़, 31 अगस्त
राशमी उपखंड के सोमी-उपरेड़ा पुलिया पर 26 अगस्त की रात हुए दर्दनाक हादसे के पांचवें दिन, रविवार दोपहर छह वर्षीय मासूम रूत्वी का शव बरामद हुआ। SDRF की टीम ने करीब 108 घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया। रूत्वी का शव घटनास्थल से लगभग 12 किलोमीटर दूर रतन खेड़ी पुलिया के पास मिला।
मदन गाडरी (25) अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ भीलवाड़ा से गांव कानाखेड़ा लौट रहे थे। गूगल मैप ने उन्हें टूटी हुई सोमी-उपरेड़ा पुलिया से जाने का रास्ता दिखाया। यह पुलिया पिछले 3 साल से जर्जर और बंद थी, मगर वहां न कोई चेतावनी बोर्ड था और न रास्ता अवरुद्ध किया गया।
रात करीब डेढ़ बजे अंधेरे में गाड़ी पुलिया से पानी में गिर गई और करीब 300 मीटर बह गई। गाड़ी की छत पर 9 लोग खड़े हो गए, लेकिन तेज बहाव में संतुलन बिगड़ा और हाथ छूटते ही चार लोग डूब गए।
इस हादसे में ममता (25), चंदा (21), खुशी (4) और रूत्वी (6) की मौत हो गई। बाकी पांच – मदनलाल, हितेश, लीला, काव्यांश और अयांश – को मोबाइल पर दी गई सूचना के आधार पर सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में कर दिया गया।
गूगल ने बाद में सुधारी गलती
हादसे के तीन दिन बाद गूगल मैप ने इस पुलिया को “टेंपरेरी क्लोज्ड” दिखाना शुरू किया और ताजा तस्वीरें भी अपलोड कीं। इससे पहले तक इस मार्ग को सामान्य रूप से दिखाया जा रहा था।
