छूटे बच्चों के टीकाकरण पर जोर, डब्ल्यूएचओ के सहयोग से कार्यशाला आयोजित
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आरएनटी मेडिकल कॉलेज में एएनएम और आशाओं को प्रशिक्षण
उदयपुर, 1 सितम्बर
शहरी और नजदीकी क्षेत्रों में टीकाकरण सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और छूटे हुए बच्चों तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से सोमवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विशेष रूप से उन बच्चों की पहचान और टीकाकरण पर बल दिया गया, जो एक वर्ष के हो चुके हैं लेकिन अभी तक किसी कारणवश टीकाकरण से वंचित रह गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शंकर एच.बामनिया ने बताया कि यह कार्यशाला डब्ल्यूएचओ के सहयोग से की गई। डब्ल्यूएचओ सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अक्षय व्यास ने कहा कि हैडकाउंट सर्वे के जरिए छूटे हुए क्षेत्रों को कवर करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
शहर प्रभारी एवं जिला प्रशिक्षक डॉ. कैलाश शर्मा ने बताया कि चित्रकूटनगर, प्रतापनगर, भूपालपुरा, आयड़ और फतहपुरा क्षेत्र की सभी आशाओं व एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें टीकाकरण सत्र स्थल की व्यवस्थाओं, वैक्सीन के सुरक्षित रखरखाव और राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी की जानकारी दी गई। साथ ही, टीकाकरण के बाद संभावित प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। खुशी बेबी एप में शहरी क्षेत्र का पूरा सर्वे अपलोड किया जाएगा, जबकि सभी टीकाकरण सत्रों के आंकड़े यूविन एप पर दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। कार्यशाला में सभी एएनएम को आरसीएच गतिविधियों का ओवरव्यू भी दिया गया। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के मॉनिटर्स गिरिश, डॉ. चेतन, डॉ. निर्भय सिंह और डॉ. विद्या मौजूद रहे।
