बांसवाड़ा दुष्कर्म मामला: पुलिस जांच में सामने आए विरोधाभासी तथ्य
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बांसवाड़ा, 2 सितंबर: जिले के घाटोल थाना क्षेत्र में एक स्कूली छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस अनुसंधान में कई विरोधाभासी तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि पीड़िता और उसकी मां के बयानों, प्राथमिकी और पुलिस जांच में कई भिन्नताएं पाई गई हैं।
बयानों और जांच में अंतर
पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, नाबालिग आरोपी 20 अगस्त को पीड़िता को अपने साथ ले गया था। बाद में, पीड़िता की मां ने पुलिस महानिरीक्षक को दिए परिवाद में एक और युवक के शामिल होने का आरोप लगाया, जबकि एफआईआर में इसका कोई जिक्र नहीं था। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि पीड़िता ने उदयपुर में इलाज के दौरान चिकित्सक को सिर्फ नाबालिग आरोपी के बारे में ही बताया था।
मोबाइल कॉल डिटेल से खुलासा
पुलिस जांच में पीड़िता की मां और आरोपी के बीच हुई कॉल डिटेल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 20 अगस्त को पीड़िता की मां के फोन से दो लंबी कॉल की गई थीं। इसके अलावा, अगस्त महीने में दोनों के बीच लगभग 400 बार कॉल हुए थे। मोबाइल लोकेशन के अनुसार, पीड़िता और नाबालिग आरोपी माहीडैम और पीपलखूंट भी गए थे।
पीड़िता अस्पताल में भर्ती
पीड़िता को 21 अगस्त को गंभीर हालत में बांसवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। उदयपुर में उसका ऑपरेशन हुआ और 10 दिनों तक वह आईसीयू में रही। पीड़िता के शरीर के भीतरी अंगों में गंभीर चोटें आई थीं। फिलहाल उसका इलाज जारी है। इस मामले में नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेषण गृह भेजा जा चुका है। पुलिस एफआईआर और आईजी को दिए गए परिवाद, दोनों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
