चित्तौड़गढ़ के जंगल में चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री
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आबकारी विभाग ने किया छापा, भारी मात्रा में सामग्री जब्त
उदयपुर। 12 सितम्बर
चित्तौड़गढ़ जिले के पारोली और बोरदा गांव के बीच पहाड़ी जंगलों में चल रही नकली शराब फैक्ट्री का आबकारी विभाग ने भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त और कलेक्टर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में हुई। टीम में सहायक आबकारी अधिकारी, निरोधक दल और पुलिस बल शामिल थे।
भारी मात्रा में नकली शराब और सामग्री बरामद
छापेमारी में करीब 6600 खाली शराब की बोतलें, 25,750 नकली ढक्कन, 96 पव्वे नकली शराब, 410 कार्टन, 8270 नकली होलोग्राम और 24,988 नकली लेबल जब्त किए गए। इसके अलावा 2 लीटर एसेंस, 200 एमएल ग्लिसरीन, 500 एमएल रंगीन तरल पदार्थ, फूड कलर, अल्कोहल मीटर, सील और स्टैंप पैड भी मिले। ये सभी सामग्री नकली शराब को असली दिखाने और स्वाद व रंग सही करने में इस्तेमाल हो रही थीं।
पिछली गिरफ्तारी से अलग मामला हो सकता है
आबकारी अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई पुराने नकली शराब मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। पहले पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब यह जांच चल रही है कि क्या वे इस नए मामले में भी शामिल थे। बरामद सामग्री सील कर दी गई है और जांच तेज़ी से जारी है।
नकली शराब बाहर भेजी जा रही थी
अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में नकली शराब सप्लाई कर रहा था। कई ठेकेदार जो भारी छूट पर शराब बेच रहे थे, उनके ऊपर भी शक है। जिला आबकारी अधिकारी ने आमजन से कहा कि सस्ती या डिस्काउंट वाली शराब से सावधान रहें, क्योंकि यह नकली हो सकती है।
