स्टेम सेल तकनीक, क्लोनिंग, जीन एडिटिंग और ASCL-1 प्रोटीन जैसी नई खोज से परिचित हुए लोग
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विद्या भवन में कैंब्रिज वैज्ञानिकों ने ‘व्हाट मेकस अस ह्यूमन’ विषय पर दिए व्याख्यान
उदयपुर, 14 सितंबर
विद्या भवन ऑडिटोरियम में रविवार को कैंब्रिज विश्वविद्यालय के दो प्रमुख वैज्ञानिकों ने ‘व्हाट मेकस अस ह्यूमन’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान में इंसान के जीवन, स्वास्थ्य और नई वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
व्याख्यान में स्टेम सेल तकनीक, क्लोनिंग, जीन एडिटिंग और ASCL-1 प्रोटीन जैसी नई खोजों को आम लोगों के लिए सरल भाषा में समझाया गया। प्रो. एना फिलपॉट ने कहा कि ASCL-1 प्रोटीन कोशिकाओं के संतुलन को बनाए रखता है और बच्चों में कैंसर के इलाज में मदद कर सकता है। वहीं, प्रो. बेंजामिन साइमंस ने बताया कि सही परिस्थितियों में एक अकेली कोशिका से संपूर्ण मानव जीवन विकसित किया जा सकता है। उन्होंने इंसान की लंबाई, जीवन गति और उम्र जैसी विशेषताओं की वजह से मानव जीवन को अन्य जीवों से अलग बताया।
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीकों ने अब तक केवल खमीर, मेंढक, मछली और चूहों तक सीमित रहे शोधों को मानव तक पहुँचाया है, जिससे रोगों की रोकथाम और इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. जे.के. तायलिया और मुख्य संचालक राजेंद्र भट्ट ने की। मंच पर शिक्षाविद, चिकित्सक और शहर की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। संचालन प्रो. कनिका शर्मा ने किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शोधार्थी, चिकित्सक और आम नागरिक शामिल हुए। उन्होंने वैज्ञानिकों से सीधे सवाल पूछकर मानव जीवन, स्वास्थ्य और रोग निदान में नई खोजों की जानकारी हासिल की। यह व्याख्यान विज्ञान और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के दृष्टिकोण से बेहद उपयोगी साबित हुआ।
