1.25 लाख की रिश्वत लेते पकड़े तत्कालीन जेडी के खिलाफ चालान पेश
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उदयपुर, 16 सितम्बर
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा पिछले साल सवा लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए तत्कालीन संयुक्त निदेशक डॉ. जुल्फिकार अहमद काजी के खिलाफ मंगलवार को एसीबी मामलों की कोर्ट संख्या—1 में चालान पेश किया गया।
एसीबी की जांच में आरोपी तत्कालीन जेडी डॉ. जुल्फिकार पर आरोप साबित होने पर चालान पेश किया गया था।
गौरतलब है कि रेवाबा इन्फर्टीलिटी हॉस्पिटल उदयपुर के निरीक्षण के दौरान कब्जे में लिए गए सोनोग्राफी रजिस्टर और मशीन को मनोहर मेटरनिटी होम राजसमंद में स्थानांतरित करने के एवज में रिश्वत मांगे जाने पर डॉ. जयप्रकाश अग्रवाल ने डॉ. जुल्फिकार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 10 अगस्त 2024 को आरेापी जेडी ने 1,50,000 रुपए की रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया और बाद में 1,25,000 रुपए लेने पर राजी हो गया। रिश्वत की राशि लेने के लिए आरेापी जेडी ने रविवार के अवकाश पर 11 अगस्त 2024 को पीड़ित को अपने कार्यालय बुलाया था। जहां पहले से तैयार एसीबी टीम ने आरेापी के रिश्वत लेते ही तुरंत दबोच लिया था। ब्यूरो ने आरेापी से रिश्वत में ली राशि भी बरामद कर ली थी। जिसके बाद आरेापी को जेल भेज दिया गया था। फिलहाल आरोपी ने अपने कार्यालय में राशि स्वीकार की, जिसे दोनों स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में बरामद किया गया। इस मामले की जांच उपमहानिरीक्षक एसीबी प्रहलाद सिंह कृष्णिया के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने की थी।
