औरंगजेब विवाद : सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु सुनीता मिश्रा के बयान पर घमासान, बर्खास्तगी की उठी मांग
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करणी सेना ने दिया अल्टीमेटम, बोली—माफी नहीं चलेगी, मेवाड़ छोड़ना होगा
कुलगुरु ने वीडियो जारी कर मांगी थी माफी
उदयपुर, 17 सितम्बर
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के औरंगजेब संबंधी बयान से उपजा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मिश्रा ने गुरु नानक कॉलेज में आयोजित ‘विकसित भारत 2047’ सेमिनार में औरंगजेब को कुशल प्रशासक कह दिया था, जिसके बाद भारी विरोध शुरू हो गया।
मंगलवार को आक्रोशित छात्रों ने कुलपति को करीब छह घंटे दफ्तर में बंधक बनाए रखा और बिजली काट दी। देर रात प्रशासन के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इसके अगले दिन बुधवार सुबह सुनीता मिश्रा ने वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची, जिसके लिए वह तहे दिल से क्षमा चाहती हैं। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और मेवाड़ की जनता से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय का अपमान करना नहीं था।
मिश्रा के माफीनामे के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। श्री राजपूत करणी सेना ने इसे खारिज करते हुए उनकी बर्खास्तगी और मेवाड़ से बाहर जाने की मांग उठाई है। करणी सेना के संभाग अध्यक्ष डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने कहा कि यह कृत्य माफी योग्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक कुलपति मेवाड़ नहीं छोड़तीं, आंदोलन जारी रहेगा।
दुलावत ने राज्यपाल से मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए कहा कि मेवाड़ के गौरव और संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने सर्व समाज से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और मेवाड़ की अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। करणी सेना ने इस प्रकरण पर उदयपुर बंद का भी ऐलान किया है।
इधर, कैबिनेट मंत्री बोले कुलगुरु माओवादी, करवाएंगे बर्खास्त
इधर, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी का कहना है कि कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा माओवादी हैं। उनको वह बर्खास्त करवाने के लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलेंगे। उन्होंने ना केवल मेवाड़, बल्कि समस्त भारतीयों का अपमान किया है।
