हाईकोर्ट बेंच की मांग पर बार का बिगुल, आज से तेज होगा आंदोलन
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शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन से पहले निकालेंगे जुलूस
उदयपुर, 18 सितम्बर: मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति की बैठक गुरुवार को संयोजक रमेश नंदवाना की अध्यक्षता में जिला न्यायालय परिसर स्थित बार एसोसिएशन कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता और बार कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में चन्द्रभान सिंह शक्तावत ने बताया कि उन्हें क्षेत्र के कई विधायकों के पत्र मिले हैं, जो केंद्रीय विधि मंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए हैं। इन पत्रों में उदयपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की पुरानी मांग दोहराई गई है। बैठक में आगामी कार्यक्रम तय किए गए। निर्णय हुआ कि 19 सितम्बर को अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और व्यापारिक संगठन मिलकर जुलूस के रूप में संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचेंगे और वहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। इसके लिए बार एसोसिएशन पदाधिकारियों को विभिन्न संगठनों और नेताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।
संघर्ष समिति ने यह भी तय किया कि आंदोलन के दौरान सरकार पर यह दबाव बनाया जाएगा कि यदि राजस्थान में कहीं भी नई खंडपीठ या वर्चुअल बेंच स्थापित होती है, तो सबसे पहले उदयपुर में हो। साथ ही 25 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांसवाड़ा दौरे के दौरान अधिवक्ताओं को उनसे मिलने का समय दिलाने की मांग भी रखी जाएगी।
बैठक में कहा गया कि उदयपुर में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग 44 साल पुरानी है। महाराष्ट्र जैसे छोटे राज्यों में पांच-पांच बेंच स्थापित हो चुकी हैं, जबकि मेवाड़-वागड़ के आदिवासी आज भी न्याय से वंचित हैं। समिति ने चेतावनी दी कि ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान उपाध्यक्ष देवी लाल जाट, सचिव अभिषेक कोठारी, वित्त सचिव राज कुमार शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता रतन सिंह राव, जय कृष्ण दवे, रोशन लाल जैन, प्रफुल करणपुरिया, रामकृपा शर्मा, भरत वैष्णव, भरत जोशी, मनीष शर्मा, राकेश मोगरा, गगन सनाढ्य, राजेश सिंघवी, सोनिका जैन, मस्त सिंह राव, डालचन्द मेघवाल, गौरव जैन और सोहन डांगी आदि उपस्थित रहे।
