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कुलगुरु सुनीता का विरोध जारी

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कुलगुरु सुनीता का विरोध जारी

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फाइलों से छेड़छाड़ का आरोप, दो छात्रनेता भूख हड़ताल पर

उदयपुर, 18 सितम्बर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (मोसुविवि) में कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ छात्रों का विरोध चौथे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को हालात तब और गरमा गए जब छात्रों ने आरोप लगाया कि बंद पड़े कुलपति सचिवालय में लाइट बंद कर दो कर्मचारी फाइलों से छेड़छाड़ कर रहे थे। छात्रों ने तुरंत रजिस्ट्रार ऑफिस का रुख किया, जहां छात्रनेताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान एबीवीपी यूनिवर्सिटी इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक, एबीवीपी इकाई सचिव गौतम बंधू, यूनिवर्सिटी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमित पालीवाल और छात्रनेता त्रिभुवन सिंह राठौड़ ने सचिवालय को तुरंत सील करने की मांग उठाई।
उधर, यूनिवर्सिटी मुख्य गेट पर दो छात्रनेताओं की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल स्थल पर बामनवास विधायक इंदिरा मीणा पहुंचीं और छात्रों से मुलाकात कर हालात जाने। उन्होंने संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी से फोन पर वार्ता कर जांच रिपोर्ट शीघ्र राज्यपाल को भेजने की मांग रखी। इससे पहले करणी सेना प्रदेशाध्यक्ष उजागर सिंह भी छात्रों को समर्थन देने पहुंचे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जितेश खटीक, कैलाश गुर्जर, अविनाश कुमावत, सूर्यपाल सिंह देवड़ा और रोहित पुरोहित सहित कई छात्रनेता भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
लगातार बढ़ते विरोध के कारण चौथे दिन भी आर्ट्स, लॉ, कॉमर्स और साइंस कॉलेज बंद रहे। यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। सुबह से ही छात्र प्रशासनिक भवन के बाहर जुटे और जोरदार नारेबाजी की।
इधर कुलगुरु के आपत्तिजनक वक्तव्य पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान, उच्च शिक्षा) ने जांच समिति अध्यक्ष संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष प्रो. मनोज बहरवाल ने कहा कि एक शासकीय विश्वविद्यालय की कुलगुरु द्वारा इस प्रकार का आचरण न केवल अनुचित है, बल्कि शिक्षा-जगत और शोध-परंपरा दोनों के लिए हानिकारक है। महामंत्री प्रो. रिछपाल सिंह ने कहा कि कुलगुरु के शब्द विद्यार्थियों को गुमराह करते हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के भी प्रतिकूल हैं।
मेवाड़ पूर्व राजघराने के विश्वराज सिंह को लिखा माफी पत्र
कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा ने अपने बयान को लेकर मेवाड़ राजघराने के प्रमुख विश्वराज सिंह मेवाड़ को पत्र लिखकर माफी मांगी है। कुलगुरु ने मेवाड़ को लिखे पत्र में कहा कि उनके वक्तव्य से मेवाड़ की जनता, राजस्थानवासियों और विशेष रूप से राजपूत समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप और मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा का अनादर करना उनका उद्देश्य कभी नहीं रहा। उनका वक्तव्य अनजाने में प्रस्तुत हुआ और उसे लेकर जो विवाद खड़ा हुआ, उस पर उन्हें खेद है। कुलपति ने कहा कि वे वीरों की इस भूमि और इसके आदर्शों का सम्मान करती हैं और भविष्य में शब्दों के चयन में और अधिक सावधानी बरतेंगी।
एबीवीपी ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
कुलगुरु के आपत्तिजनक बयान के विरोध में छात्रों ने नया कदम उठाते हुए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। गुरुवार को दोपहर 12 बजे कॉमर्स कॉलेज को खाली कराकर छात्रों ने इस अभियान की शुरुआत की। छात्र नेताओं त्रिभुवन और प्रवीण टांक ने बताया कि अभियान का उद्देश्य कुलगुरु के खिलाफ छात्रों, अध्यापकों और समाज का समर्थन जुटाना है। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्र नेताओं ने कहा कि यह अभियान विश्वविद्यालय परिसर के अन्य कॉलेजों तक भी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जब तक कुलगुरु के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

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