रोत का कटाक्ष अक्षम्य, समाज को तोड़ने की राजनीति कर रहे हैं: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़
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उचित माध्यम से ऊपर तक पहुचाएंगे हाईकोर्ट बेंच का मामला
उदयपुर, 20 सितम्बर: राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परमाणु ऊर्जा परियोजना के प्रस्तावित शिलान्यास को लेकर सांसद राजकुमार रोत द्वारा दिए गए कटाक्ष को अक्षम्य करार देते हुए कहा कि रोत समाज को तोड़ने की राजनीति कर रहे हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राजनीति विकास विरोधी है और स्थानीय जनता के हितों के खिलाफ है। भूमि अवाप्ति से प्रभावित परिवारों के विरोध पर राठौड़ ने दावा किया कि बाजार मूल्य से दस गुना ज्यादा मुआवजा मिलने से सभी खुश हैं।
उदयपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में राठौड़ ने कहा कि वर्ष 2014 के पूर्व और वर्तमान स्थिति में भारत का विकास रात-दिन का फर्क दिखा रहा है। देश एक संपन्न और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री मोदी को विश्व स्तर पर मान्यता मिली है और करीब 40 देशों ने उन्हें सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान किया है। उनके नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
राठौड़ ने बताया कि राजस्थान के लिए बड़ी सौभाग्यशाली बात है कि बांसवाड़ा में आणविक संयंत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी 25 सितम्बर को रखेंगे। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी तथा हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश अब कच्चे माल का निर्यात नहीं करेगा, बल्कि उत्पादन यहीं होगा। इसका सीधा लाभ देश की प्रतिभाओं और उद्योगों को मिलेगा। उन्होंने अमेरिका द्वारा दवाओं पर लगाया गया टैरिफ उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ही वह देश है, जो सबसे सस्ती दवा उपलब्ध कराता है।
प्रधानमंत्री मोदी की जीएसटी सुधार नीतियों पर राठौड़ ने कहा कि व्यापारी वर्ग को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिला है। टैक्स चोरी रुकी है और रजिस्ट्रेशन तीन गुना बढ़ा है। पहले जहां महंगाई दर 9.8 प्रतिशत थी, वह अब घटकर 2.1 प्रतिशत हो गई है। रसोई और आम जरूरत की वस्तुओं पर जीएसटी को 0 व 5 प्रतिशत के स्लैब में लाया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
हाईकोर्ट बेंच पर उन्होंने कहा कि उचित माध्यम से मामला उच्चस्तर तक पहुंचाया जाएगा। सुविवि कुलगुरु सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को श्रेष्ठ प्रशासक बताने वाले बयान के बाद उपजे विवाद के बारे में प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। पूरा अध्ययन करके ही किसी की प्रशंसा करनी चाहिए। माफी के संबंध में निर्णय जनता तय करेगी। उन्होंने इस संबध में तत्काल कुछ कहने से बचते हुए कहा कि जांच और उनसे पूछताछ के बाद ही उचित निर्णय किया जाएगा। छात्रों द्वारा भूख हड़ताल को सही नहीं बताते हुए उन्होंने कहा कि वे आंदोलन करें। निर्णय में देरी हो सकती है, वे कब तक भूखे रहेंगे। निकाय चुनावों के लिए सीमांकन को सुधारकर गजट नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा।
जनजाति क्षेत्र में धर्मांतरण के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि यह मौलिक अधिकार है, लेकिन लोभ-लालच देकर और धोखे में रखकर जबरन धर्मांतरण कराना गलत है।
