लेह हिंसा मामले में बोले सोनम वांगचुक ‘मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है’
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नई दिल्ली, 25 सितंबर: लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है, और इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने वांगचुक पर भड़काऊ बयान देने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक ने उपवास तोड़ा और अपनी सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए, जबकि हालात नियंत्रण में नहीं थे। हिंसा में 4 लोग मरे और 80 से ज्यादा प्रदर्शनकारी तथा 30 सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
सरकार ने वांगचुक की NGO HIAL और SECMOL का FCRA (विदेशी चंदा) लाइसेंस रद्द कर दिया है। सीबीआई ने इन संस्थाओं के खातों की जांच शुरू कर दी है। वांगचुक ने कहा कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं।
CBI जांच में अब 2020-21 के रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं, जबकि मूलतः 2022-24 की अवधि का ऑडिट होना था। वांगचुक पर पहले भी राजद्रोह का केस दर्ज है, साथ ही पुराने वेतन विवाद और जमीन पट्टे को लेकर नोटिस भी जारी किए गए।
24 सितंबर की हिंसा में युवाओं ने बीजेपी कार्यालय, हिल काउंसिल और कई वाहन आग के हवाले किए। पुलिस और अर्धसैनिक बलों को आंसू गैस का इस्तेमाल कर हालात काबू में लाना पड़ा। इस घटनाक्रम ने लद्दाख में सामाजिक और प्रशासनिक तनाव को बढ़ा दिया है, और वांगचुक का दावा है कि उन पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
