LOADING

Type to search

नंदलाल मीणा का निधन : जनता पार्टी से भाजपा के सफर में हमेशा रहे कद्दावर

Local

नंदलाल मीणा का निधन : जनता पार्टी से भाजपा के सफर में हमेशा रहे कद्दावर

Share

उदयपुर, 27 सितम्बर: भाजपा के कद्दावर आदिवासी नेता रहे नंदलाल मीणा ने शनिवार को अंतिम सांस ली। वह 79 साल के थे और बीमारी के चलते अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल, कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम अशोक गहलोत सहित भाजपा—कांग्रेस के नेताओं से शोक जताया है। नंदलाल मीणा प्रदेश के उन कद्दावर नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने 1972 के बाद राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह उदयपुर ग्रामीण सीट से भी विधायक रह चुके हैं। साल 2018 में उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया और उनकी परम्परागत प्रतापगढ़ सीट से उनके बेटे हेमंत मीणा ने जीत दर्ज की और प्रदेश की भजनलाल सरकार में वह राजस्व मंत्री हैं।
2016 में भील प्रदेश की मांग का समर्थन
भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदलाल मीणा ने वर्ष 2016 में भील प्रदेश की मांग का खुले तौर पर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि यदि इस मुद्दे के लिए उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़े तो वे ऐसा करने को तैयार हैं। हालांकि 2014 में उन्होंने भील प्रदेश की मांग का विरोध किया था, लेकिन 2016 में उन्होंने इस मांग का समर्थन किया और इसके लिए मंत्री पद से भी इस्तीफे की पेशकश भी की।
बीए एलएलबी थे नंदलाल मीणा
नंदलाल मीणा का जन्म 25 जनवरी 1946 को मौजूदा प्रतापगढ़ जिले के अंबामाता तहसील के खेड़ा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनलाल मीणा और माता का नाम देवी बाई था। उन्होंने उदयपुर विश्वविद्यालय अब मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। विवाह के बाद उनके परिवार में एक पुत्र और पाँच पुत्रियाँ हुईं। उनकी पत्नी सुमित्रा मीणा प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख रह चुकी है। जबकि बेटा हेमंत मीणा राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री।
उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से जीत दर्ज कर राजनीति का सफर शुरू
नंदलाल मीणा ने 1972 में अपना पहला चुनाव लसाड़िया विधानसभा क्षेत्र से लड़ा, लेकिन वे जीत नहीं सके। उनका राजनीतिक करियर 1977 में शुरू हुआ, जब उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर उदयपुर ग्रामीण (अ.ज.जा.) सीट से विधानसभा चुनाव जीता। इस चुनाव में उन्हें 20,263 मत प्राप्त हुए, जबकि निकटतम प्रतिद्वंदी जयनारायण को 9,818 मत मिले, यानी लगभग 10,445 मतों का अंतर। इस प्रारंभिक सफलता ने उन्हें राजनीति में स्थायी पहचान दी और उन्होंने सात बार विधायक, एक बार सांसद और तीन बार राज्य मंत्री के रूप में सेवा की। इस दौरान उन्होंने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के मुद्दों को प्रमुखता दी और जनता के साथ जुड़ाव बनाए रखा। नंदलाल मीणा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर प्रतापगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विजयी रहे। 2013 के विधानसभा चुनाव में भी वे भाजपा के उम्मीदवार थे और जीत हासिल की। राजस्थान सरकार में उन्होंने Tribal Area Development (आदिवासी क्षेत्र विकास) विभाग के मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे एक समय लोकसभा सदस्य भी रहे और उन्होंने सलूम्बर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
धरती से जुड़ा नेता बताया
भाजपा नेता नंदलाल मीणा के निधन को लेकर भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मीणा के निधन को बड़ी क्षति बताया और धरती से जुड़ा नेता बताया। वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उन्हें सच्चा प्रहरी बताया। इसी तरह उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने कहा कि नंदलाल मीणा भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वे मेवाड़, वागड ओर कांठल क्षेत्र के जनजाति समाज की मुखर आवाज थे। जनजाति मंत्री बाबू लाल खराड़ी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा चंद्रगुप्त सिंह चौहान, भंवर सिंह पंवार, जिला प्रमुख ममता कुंवर पंवार, वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी, गोगुंदा विधायक प्रताप लाल गमेती, सलूंबर विधायक शांता अमृत लाल मीणा ने मीणा के निधन पर शोक जताते हुए इसे संगठन की अपूरणीय क्षति बताया है।
1977—80 उदयपुर ग्रामीण सीट से पहली बार बने विधायक।
1980—85 पहली बार प्रतापगढ़ सीट से विधायक बने।
1989—91 सलूम्बर लोकसभा सीट से सांसद बने।
1993—98 भैरोंसिंह शेखावत सरकार में बने मंत्री।
1998—2003 प्रतापगढ़ सीट से तीसरी बार विधायक बने
2003—08 चौथी बार विधायक बने। वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री बने।
2008—13 पांचवी बार विधायक बने।
2013—18 छठवीं बार विधायक बने और वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *