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बांसवाड़ा में भी खांसी की सिरप से एक पखवाड़े में हुए थे सात बच्चे बीमार

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बांसवाड़ा में भी खांसी की सिरप से एक पखवाड़े में हुए थे सात बच्चे बीमार

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डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप की सरकारी अस्पतालों में रोकी आपूर्ति
बांसवाड़ा, 30 सितम्बर:
मौसम के बदलते प्रभाव के कारण सर्दी और खांसी से पीड़ित बच्चों को दी जा रही डेक्स्ट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप के दुष्प्रभाव से भरतपुर, जयपुर और सीकर ही नहीं, बांसवाड़ा में भी बच्चे बीमार हुए हैं। बीते एक पखवाड़े में जिला मुख्यालय के महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में सात बच्चों को भर्ती कराया जा चुका है। इधर, खांसी की दवा डेक्स्ट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप के साइड इफेक्ट के बाद जिले के सरकारी चिकित्सा केंद्र में इसकी आपूर्ति रोक दी गई है।
कुछ समय पहले राजस्थान के सभी जिलों में आरएमएससीएल की ओर से खांसी की दवा डेक्स्ट्रोमेथोर्फन की आपूर्ति 21 बैच में की गई थी। अस्पतालों में खांसी से पीड़ित बच्चों को यह सिरप देने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए है। इस सिरप की आपूर्ति बांसवाड़ा में भी की गई थी। खांसी से पीड़ित बच्चों को यह सिरप चिकित्सकों ने लिखी, किंतु इसे लेने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार कराना पड़ गया। एक पखवाड़े में 7 बच्चों का उपचार महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में किया गया है।
हालत गंभीर, बच्ची गहरी नींद में
बांसवाड़ा शहर के मोहम्मद शौकीन ने बताया कि उसकी दो वर्षीया बेटी को खांसी होने पर सरकारी क्लिनिक में दिखाया था। वहां उसे डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप दी गई। घर लाकर बच्ची को सिरप पिलाई तो पहले उसे सांस धीमी चलने लगी। बाद में गहरी नींद में चली गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल में बताया और सिरप के बारे में डॉक्टर को जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने भर्ती कर उपचार कराया। अब बच्ची की हालत में सुधार है।
50 हजार सिरप मिले, 13 हजार बांटे
आरएमएससीएल के डीपीएम डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि जिले को डेक्स्ट्रोमेथोर्फन सिरप के 50 हजार डोज मिले थे। इसमें से 13 हजार की आपूर्ति चिकित्सा केंद्रों को कर दी गई थी और शेष 37 हजार सिरप वेयर हाउस में रखे हुए हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर इस दवा का वितरण और उपयोग नहीं करने के सभी सरकारी चिकित्सा केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिले में उस बैच की सिरप की आपूर्ति नहीं हुई हैं, जिसके बारे में शिकायत मिली है। इसके बाद भी इसके साइड इफेक्ट को देखते हुए उपयोग और वितरण नहीं करने को कहा गया है।

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