अलग-अलग हादसों में चार की मौत
Share
उदयपुर, 3 अक्टूबर : उदयपुर संभाग के तीन जिलों में शुक्रवार को हुए अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। उदयपुर जिले के गोगुन्दा में हुए हादसे में कपड़ा व्यवसायी की मृत्यु हो गई तो डूंगरपुर जिले में दो अलग-अलग हादसों में दो की मौत हो गई। इस बीच, प्रतापगढ़ में बीती रात हादसे में घायल हुए सरपंच की शुक्रवार दोपहर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
सड़क हादसे ने ली व्यापारी की जान
उदयपुर जिले के गोगुंदा-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर शुक्रवार दोपहर हुए सड़क हादसे में 60 वर्षीय कपड़ा व्यापारी की मौत हो गई। हादसा खाखड़ी गांव के पास हुआ, जब ढोल गांव निवासी व्यापारी केशुलाल भोगर अपनी स्कूटी पर घर लौट रहा था। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि केशुलाल करीब 15 फीट दूर जा गिरा और सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और गोगुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को गोगुंदा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों को खबर दे दी गई है और उनके आने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश कर रही है।
परिजनों के अनुसार, केशुलाल सूरत में कपड़े का व्यवसाय करता था और नवरात्र के अवसर पर कुछ दिन पहले ही अपने गांव ढोल आया था। शुक्रवार को परिचित से मिलने गोगुंदा गया था और वापसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
ग्रामीणों ने हादसे के लिए हाईवे निर्माण में लगी एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते सड़क पर कई जगह खुदाई कर यातायात को एक ओर मोड़ा गया है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करेंगे।
डूंगरपुर में दो सड़क हादसे, दो की मौत और एक घायल
डूंगरपुरजिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला हादसा शिव कॉलोनी के पास हुआ। फावटा निवासी कैलाश रोत अपनी भाभी कांता देवी (45) को बाइक पर बैठाकर डॉक्टर को दिखाने सागवाड़ा ला रहे थे। इस दौरान गलियाकोट मोड़ से पहले एक ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सागवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कांता देवी को मृत घोषित कर दिया। कैलाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया और ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
घोटाद गांव में पैदल युवक बाइक की चपेट में आया
दूसरी घटना घोटाद गांव में हुई। यहां मंदिर से लौट रहे कमलेश डोडियार को एक तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के लिए सागवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर परिजन उसे घर ले गए, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दोनों हादसों की जानकारी मिलने पर सागवाड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। शवों को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, सड़क हादसे में सरपंच का निधन
प्रतापगढ़ जिले के ग्राम पंचायत खेड़ा नारसिंह माता के सरपंच कैलाश चंद मीणा (36) गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में घायल हो गए, जिनका उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय में निधन हो गया। यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर बावड़ी खेड़ा और धमोतर के बीच तब हुआ, जब उनकी बोलेरो गाड़ी एक सामने से आ रही स्लीपर बस से टकरा गई।
जानकारी के अनुसार, सरपंच कैलाश मीणा पारिवारिक कार्य से प्रतापगढ़ जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कैलाश मीणा भेरू घाटी, थाना धमोतर के निवासी थे। वे विकास कार्यों और ग्रामीण समस्याओं के समाधान में सक्रिय रहे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। थाना प्रभारी घीसूलाल ने बताया कि बड़े भाई कमलेश मीणा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
