बच्चों में खांसी की दवा पर केंद्र की सख्ती
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2 साल से कम उम्र में न दें दवा, पहले अपनाएं घरेलू उपाय
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 4 अक्टूबर: केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों को खांसी-जुकाम की दवा देने को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि बच्चों में खांसी की अधिकतर समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती हैं और दवा की आवश्यकता नहीं होती।
एडवाइजरी के अनुसार 2 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी-जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए। वहीं, 5 साल से कम उम्र के बच्चों को दवा देने से पहले डॉक्टर की कड़ी निगरानी, सही खुराक और सीमित अवधि का पालन जरूरी है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है स्वास्थ्य विभाग को इस बात की जागरूकता भी लानी होगी कि कोई भी व्यक्ति खांसी से पीड़ित अपने बच्चों को घर में पहले से रखी सिरप ना पिलाए।
घरेलू उपाय होंगे पहली पंक्ति का इलाज
मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि बच्चों में खांसी-जुकाम की स्थिति में पर्याप्त पानी पिलाना, आराम और अन्य सहायक उपाय ही प्राथमिक उपचार हों। दवा का सहारा केवल जरूरत पड़ने पर ही लिया जाए।
केवल प्रमाणित दवाएं ही इस्तेमाल हों
एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी अस्पताल और क्लीनिक ऐसी ही दवाओं का इस्तेमाल करें जो गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) के तहत बनी हों और जिनमें मानक गुणवत्ता के पदार्थ (एक्सिपिएंट्स) शामिल हों।
राज्यों को निर्देश
सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों, जिला स्वास्थ्य प्राधिकरणों और चिकित्सा संस्थानों से इस आदेश को लागू करने और व्यापक स्तर पर जनता को जागरूक करने के लिए कहा गया है।
