महाराणा भूपाल चिकित्सालय में सुरक्षा जांच में कई कमियां उजागर
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फायर सिस्टम में कई उपकरण एक्सपायर्ड
उदयपुर, 6 अक्टूबर (ओमपाल): जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में बीती रात शॉर्ट सर्किट से हुई आग में आठ लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़े अस्पतालों में फायर सिस्टम और सुरक्षा जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को उदयपुर के संभागीय अस्पताल महाराणा भूपाल चिकित्सालय में सुरक्षा जांच की गई। जिला प्रशासन और नगर निगम के अग्निशमन अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
जाँच में कई कमियां सामने आईं। अस्पताल के अलग-अलग विभागों में लगे फायर सिलेंडर कई महीनों से एक्सपायर्ड पाए गए। अस्थि रोग विभाग के मेडिसन वार्ड का सिलेंडर फरवरी 2025 में एक्सपायर्ड था, वहीं नेफ्रोलॉजी विभाग का सिलेंडर जून 2025 में समाप्त हो चुका था। जनाना और अन्य विभागों में भी कई सिलेंडर असमर्थनीय स्थिति में मिले। मोर्चरी में एक सिलेंडर भरा हुआ था और एक खाली।
स्टोर प्रभारी बोले, हमारा काम केवल सूचित करना
अस्पताल के स्टोर में खाली और रीफिल होने वाले सिलेंडर रखे गए थे। स्टोर प्रभारी नवरत्न कुमावत ने बताया कि उनका कार्य केवल अधिकारियों को खाली सिलेंडरों की सूचना देना है। नए या भरे सिलेंडर लगाने का आदेश प्रशासन से आता है। उनके पास इसे स्वयं भरवाने या लगवाने का अधिकार नहीं है।
अधिकारियों ने संतोष जताया, सुधार का आश्वासन दिया
सुरक्षा जांच के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर जितेंद्र ओझा और अग्निशमन अधिकारी बीएल चौधरी टीम के साथ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने कई कमियों के बावजूद संतोष व्यक्त किया। जब पंजाब केसरी ने उन्हें अस्पताल में पाई गई खामियों के बारे में बताया, तो अधिकारियों ने कहा कि संबंधित विभाग को जानकारी देकर जल्द समाधान कराएंगे।
