एमबी अस्पताल ने नहीं लिया सबक
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अब भी नहीं बदले एक्सपायर्ड और खाली अग्निशामक सिलेंडर
उदयपुर, 7 अक्टूबर: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आग लगने से आठ मौतों की घटना से उदयपुर में संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल सहित सभी संगठक अस्पतालों ने सबक नहीं लिया। सोमवार को अस्पताल के विभिन्न विंग में आग बुझाने के लिए लगा रखे अग्निशामक सिलेंडर ना केवल अवधिपार थे, बल्कि खाली भी थे। मंगलवार को भी वे जहां लगे थे, वहीं टंगे दिखाई दिए। ऐसे में आग लगने की स्थिति में गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
हालांकि सोमवार को जब जिला प्रशासन एवं अग्निशमन अधिकारी की टीम ने अस्पताल का जायजा लिया तो उन्हें मीडिया ने अस्पताल में खाली और खाली और अवधिपार अग्निशामक सिलेंडर लगे होने की जानकारी दी थी और कहा गया था कि अस्पताल प्रबंधन को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। पंजाब केसरी टीम ने सोमवार को अस्पताल के सभी विंग का दौरा किया तो आर्थों, जनाना सहित कई विंग और मोर्चरी में भी खाली और एक्सपायर अग्निशामक सिलेंडर लगे हुए देखे और सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए फोटो सहित समाचार प्रकाशित की थी। आशा जताई जा रही थी कि मंगलवार को सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठा लिए जाएंगे लेकिन मंगलवार को यथास्थिति देखकर आश्चर्य हुआ। हॉस्पिटल प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। खाली और एक्सपायर्ड सिलेंडर के साथ फायर एक्सटिंगुइशर जस के तस मिली।
इस आरे में एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन का कहना है कि हम किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। खाली और एक्सपायरी अग्निशामक सिलेंडरों और फायर एक्सटिंगुइशरों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा है तो उन्हें शीघ्र भरवाकर हॉस्पिटल की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
सभी चिकित्सा संस्थानों को फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश
प्रदेश की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में दो दिन लगी आग की घटना और भर्ती आठ मरीजों की मौत के बाद चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
जन स्वास्थ्य निदेशालय से जारी आदेशानुसार सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियोयं को अपने—अपने क्षेत्र में सभी चिकित्सा संस्थानों के आॅडिट कराए जाने का जिम्मा सौंपा है। साथ ही उनकी रिपोर्ट भी मांगी है।
मांगी गई रिपोर्ट में फायर सैफ्टी के भेजे 39 बिन्दुओं की सूचना मांगी है, जो अग्नि और बिजली सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। साथ ही अस्पतालों के प्रवेश और निकास को लेकर भी जानकारी देनी होगी। अस्पतालों में अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, फिक्स्ड फायर प्रोटेक्शन सिस्टम के कार्यरत होने के साथ ICU में फायर स्प्रिंकलर की जाँच के लिए कहा गया है।
