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बीएपी सांसद राजकुमार रोत को जान से मारने की धमकी

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बीएपी सांसद राजकुमार रोत को जान से मारने की धमकी

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सोशल मीडिया पर लाइव के दौरान कमेंट में 1 करोड़ रुपए इनाम की घोषणा, आरोपी ने अकाउंट डिलीट किया
आईजी से की शिकायत, बोले- “धमकी देने वाले को अब तक नहीं पकड़ा, हादसे का इंतजार क्यों?”

बांसवाड़ा, 8 अक्टूबर (उदयपुर डेस्क): बांसवाड़ा-डूंगरपुर से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के सांसद राजकुमार रोत को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दी गई है। उदयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता की लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान एक यूजर चंद्रवीर सिंह नामक व्यक्ति ने कमेंट किया— “जो कोई सांसद राजकुमार रोत को गोली मारे, मैं उसे 1 करोड़ रुपए इनाम दूंगा।” धमकी देने के तुरंत बाद आरोपी ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिया।
सांसद राजकुमार रोत उदयपुर में नाई थाना पुलिस पर आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर प्रेसवार्ता कर रहे थे। उनका कहना था कि नाई थाना पुलिस ने मर्डर केस में पांच निर्दोष आदिवासियों को फंसाकर 15 दिन तक रिश्वत के लिए सौदेबाजी की। जब पैसे नहीं मिले, तो पुलिसकर्मियों ने 4.39 बीघा जमीन अपने नाम करा ली। इस मामले को लेकर सांसद ने खुलासा किया कि एक पीड़ित के पास जमीन नहीं थी, इसलिए उसे गवाह बना दिया गया।
कमेंट में गालियां और धमकी
लाइव प्रसारण के दौरान चंद्रवीर सिंह नाम के यूजर ने अपशब्द लिखते हुए कहा कि “राजस्थान में पहले सर्व समाज मिलजुल कर रहता था, लेकिन यह एक क्रिश्चियन है और अमेरिका से आया है, जिसने माहौल बिगाड़ा है। जो कोई इसको गोली मारे, मैं उसे एक करोड़ रुपए दूंगा, इसको गोली मारना जरूरी है।”
सांसद ने कहा- “पहले भी मिल चुकी है धमकी”
सांसद रोत ने कहा कि इस तरह की धमकी पहले भी मिल चुकी है, लेकिन अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी हादसे के बाद ही कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सत्ता की आड़ में कई लोग अवैध धंधे कर रहे हैं और बीएपी हमेशा उनका विरोध करती रही है। सांसद राजकुमार रोत ने बुधवार को उदयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव से मुलाकात की और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
डीजीपी को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग
रोत ने डीजीपी को पत्र भेजकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी जांच की जानी चाहिए कि इस साजिश के पीछे और कौन लोग शामिल हैं।

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