चित्तौड़गढ़ के किसान देखेंगे तैरता डेयरी फार्म, सीखेंगे डिजिटल खेती के गुर
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डेनमार्क और नीदरलैंड जाएंगे चार प्रगतिशील किसान
चित्तौड़गढ़, 8 अक्टूबर (उदयपुर डेस्क): जिले के चार प्रगतिशील किसान — गोपाल लाल जाट, मुनेश गुर्जर, नंदलाल धाकड़ और देवीलाल — अब विदेश में आधुनिक खेती और डेयरी फार्मिंग के गुर सीखने जा रहे हैं। ये किसान “नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम” के तहत डेनमार्क और नीदरलैंड की यात्रा पर जाएंगे, जिसका उद्देश्य किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़कर उनकी आय और उत्पादन बढ़ाना है।
सुजाखेड़ा के गोपाल लाल जाट और रानी खेड़ा के मुनेश गुर्जर 8 से 13 अक्टूबर तक डेनमार्क में प्रशिक्षण लेंगे। डेनमार्क में दोनों किसान रोबोटिक डेयरी सिस्टम, ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन और डिजिटल फार्म मैनेजमेंट जैसी तकनीकों का अध्ययन करेंगे। गोपाल लाल पहले से पॉली हाउस में हाईटेक सब्जी उत्पादन कर रहे हैं, जबकि मुनेश गुर्जर आधुनिक डेयरी फार्मिंग में सक्रिय हैं।
जयसिंहपुरा के नंदलाल धाकड़ और गोरा का खेड़ा के देवीलाल नीदरलैंड जाएंगे, जहां वे रोटरडम में बने दुनिया के पहले “तैरते हुए डेयरी फार्म” का निरीक्षण करेंगे। यह दो मंजिला फार्म पानी पर बना है और दूध उत्पादन में रोबोटिक तकनीक का उपयोग होता है। वहां वे कम पानी में अधिक उत्पादन, जल प्रबंधन, ऑर्गेनिक फार्मिंग और आधुनिक नर्सरी तकनीक भी सीखेंगे।
उद्यान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शंकर लाल जाट ने बताया कि तीन जिलों, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और भीलवाड़ा से कुल 68 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से 7 का चयन हुआ। विदेश से लौटने पर ये किसान जिले के अन्य किसानों को नई तकनीक सिखाएंगे। इससे कृषि और पशुपालन में आधुनिकता आएगी और चित्तौड़गढ़ जिले की खेती की तस्वीर बदलेगी।
