राशमी सरपंच ने पट्टा बनवाने के बदले मांगे 3 लाख रुपए
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एसीबी ट्रैप की कार्रवाई से पहले हुआ फरार, मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़, 9 अक्टूबर (उदयपुर डेस्क): चित्तौड़गढ़ जिले की ग्राम पंचायत राशमी के सरपंच बंशी लाल रेगर पर तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ट्रैप की योजना बनाई, लेकिन कार्रवाई से पहले ही सरपंच फरार हो गया। एसीबी जब उसके घर पहुंची तो मकान पर ताला लगा मिला और मोबाइल फोन भी बंद था। जांच में रिश्वत मांगने के पुख्ता सबूत मिलने पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि उदयपुर रेंज डीआईजी प्रहलाद सिंह कृष्णिया की निगरानी में कार्रवाई की योजना बनी थी। 13 अगस्त को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि सरपंच ने उसके और उसके भाई के भूखंडों का पट्टा बनवाने के लिए छह लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
सत्यापन में रिश्वत की पुष्टि
एसीबी ने जांच के दौरान पाया कि सरपंच ने तीन लाख रुपए मांगना स्वीकार किया था और डेढ़ लाख की पहली किस्त लेने को तैयार था। इस पर 15 अगस्त को ट्रैप की योजना बनाई गई।
भनक लगते ही हुआ गायब
एसीबी टीम ने परिवादी को पैसे लेकर सरपंच के घर भेजा, लेकिन वह वहां नहीं मिला। बताया गया कि उसे कार्रवाई की भनक लग गई थी और वह परिवार सहित घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। मामले की रिपोर्ट ब्यूरो मुख्यालय को भेजी गई और बंशी लाल रेगर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एएसपी विक्रम सिंह परमार कर रहे हैं। वहीं, सरपंच ने खुद पर लगे आरोपों को राजनैतिक साजिश बताया है।
